उत्तराखंड: डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल पर लगी रोक, एस्मा लागू
- शासन ने जारी की अधिसूचना, छह माह तक हड़ताल पर रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल रोकने के लिए शासन ने एस्मा लागू कर दिया है। मंगलवार को शासन ने अधिसूचना जारी कर छह माह के लिए कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी है।
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने उत्तर प्रदेश अति आवश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 के तहत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों, पैरामेडिकल व अन्य कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी है।
अपर सचिव युगल किशोर पंत की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनात डॉक्टरों व कर्मचारियों की सभी सेवाओं को आवश्यक सेवाएं घोषित कर हड़ताल पर रोक लगाई गई है।
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जहां सरकार प्रदेश भर में हाई अलर्ट जारी कर चुकी है, वहीं प्रमोशन में आरक्षण के लिए खिलाफ चल रहे आंदोलन के समर्थन में डॉक्टर, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ संघ की ओर से दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारी संगठनों की ओर से पूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था। इसे देखते हुए शासन ने एस्मा लागू कर स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगा दी है।
सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर गरजे कर्मचारी
हरिद्वार में प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारी मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर गरजे। हड़ताली कर्मचारियों ने विभिन्न विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों को कार्यालयों से बाहर निकाला और अपने साथ धरने पर बैठाया।
जनरल और ओबीसी कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन अभी तक रोशनाबाद में चल रहा था। मंगलवार को अधिकारी कर्मचारी हरिद्वार पहुंच गए। कर्मचारियों ने जिला पंचायत, नगर निगम, ऊर्जा निगम, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों में कामकाज ठप करवा दिया।
भाजपा के पार्षदों ने दिया समर्थन
इस दौरान भाजपा के पार्षद विकास कुमार, शुभम मैंदोला, राधेकृष्ण शर्मा, सुनील अग्रवाल गुड्डू, सचिन अग्रवाल, एकता गुप्ता ने हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया। महिला शक्ति मोर्चा की उदिता जोशी ने भी समर्थन देते हुए सभा को संबोधित किया।
नर्सेज सर्विसेज एसोसियेशन ने कहा जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन
प्रमोशन में आरक्षण का विरोध कर रही उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसियेशन ने कहा कि संगठन का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के सभी कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक के आदेश से संगठन से जुड़ी नर्सें आहत हैं।
एसोसियेशन की प्रांतीय अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला ने कहा कि नर्सें पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करती हैं। जनरल ओबीसी इंप्लाइज संघ एवं नर्सेज संघ ने घोषणा की थी कि यदि कोरोना का प्रकोप बढ़ा तो वे लोग अपने कार्य में बांधा नहीं पहुंचाएंगे। वर्तमान समय में जब सभी नर्सों की जिम्मेदारियों एवं उनके त्याग की सराहना की जा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से इस तरह के आदेश जारी कर उनका उत्साह कम किया जा रहा है। एसोसियेशन की महामंत्री कांति राणा ने कहा कि आकस्मिक रोगियों और कोरोना आइसोलेशन वार्ड की नर्सों को छोड़कर अन्य सभी नर्सें विरोध प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रमोशन में आरक्षण से रोक हटाकर जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसियेशन की हड़ताल खत्म करवाए।
नर्सें अब एक घंटा करेंगी कार्यबहिष्कार
उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसियेशन की प्रांतीय अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए कार्यबहिष्कार की अवधि को ढाई घंटे से घटाकर एक घंटे कर दिया गया है। जनरल और ओबीसी की नर्सें अब सुबह एक घंटा कार्यबहिष्कार कर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगी।
एसोसिएशन ने रणनीति बदली, कम जुटेंगे कर्मचारी, ज्यादा होंगे धरने
बेमियादी हड़ताल का नेतृत्व कर रही उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने अब आंदोलन की रणनीति में बदलाव करने जा रही है। इस बात के प्रबल आसार हैं कि एसोसिएशन के आंदोलन में अब 50 से कम कर्मचारी जुटें। लेकिन बदली रणनीति के तहत धरनों की संख्या बढ़ा सकती है।
मसलन, अभी केवल परेड मैदान में सभी कर्मचारी धरना दे रहे हैं। लेकिन नई रणनीति के तहत नगर निगम के हर वार्ड में धरना देने पर निर्णय हो सकता है। धरने के साथ ही कर्मचारी लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक करने पर भी विचार कर रहे हैं।
मंगलवार शाम एसोसिएशन की कोर कमेटी की आपात बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। कोर कमेटी ने सरकार से मांग की कि कोरोना वायरस से बचाव को लेकर प्रदेश सरकार सभी दफ्तरों और निदेशालयों में अवकाश घोषित करेे। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए। कोर कमेटी ने फैसला किया कि अब कर्मचारी ढाई घंटे के स्थान पर एक घंटा कार्य बहिष्कार करेंगे।
तय हुआ कि कर्मचारी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां आगे की रणनीति तय होगी। बैठक में एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी, महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसांई, प्रताप सिंह पंवार, पूर्णानंद नौटियाल, नंद किशोर त्रिपाठी, बीपी नौटियाल, पंचम सिंह बिष्ट, हरीश चंद्र नौटियाल, रमेश रमोला, सूर्यप्रकाश राणाकोटी, शक्ति प्रसाद भट्ट, राकेश जोशी, हीरा सिंह बसेड़ा, रीता कौल, सीएल असवाल, वीके धस्माना, सुनील देवली, विमल डबराल, बीएस कलूड़ा उपस्थित रहे।