हरिद्वारः आरती करने आए गणतंत्र के कलाकार
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नई दिल्ली में 66वें गणतंत्र दिवस के मौके पर विभिन्न प्रांतों का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकार हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे। करीब 400 कलाकार हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे।
हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ समेत कई प्रदेशों के कलाकारों ने प्रस्तुति देकर अपने-अपने राज्य की संस्कृति से रू-ब-रू करवाया। ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में ये कलाकार सांध्यकालीन गंगा आरती में शामिल हुए।
रविवार को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के नेतृत्व में पहुंचे 27 राज्यों के करीब 400 कलाकारों का परमार्थ निकेतन में वैदिक मंत्रोच्चारण और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। कलाकारों ने आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि से मुलाकात की। मोक्षदायिनी का सानिध्य पाकर कलाकार अभिभूत नजर आए। उन्होंने दोबारा तीर्थनगरी आने की इच्छा जाहिर की।
प्रदेश के 30 कलाकारों ने किया प्रतिनिधित्व
हरिद्वार में इन कलाकारों को संबोधित करते हुए गायत्री प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या ने कहा कि ऋषि और कृषि हमारी पहचान है। हमारी संस्कृति पूरे विश्व को ज्ञान दे रही है और हमारी संस्कृति ने विश्व को जीने का मूल्य सिखाया है।
उन्होंने एकता पर जोर देते हुए कहा कि अलगाव और बंटवारे से हम जिंदा नहीं रह सकते। एकता में ही विकास संभव है। उन्होंने कलाकारों को अभिनंदन करते हुए कहा कि आपने राजपथ पर दुनिया को वह दिखाया जो इस देश की पहचान है।
कार्यक्रम में हरियाणा से पहुंची बालिकाओं ने ‘ए मेरी लाड्डो तन्ने पिया घर जाना’ गीत की प्रस्तुति देकर अपनी संस्कृति से रू-ब-रू कराया। छत्तीसगढ़ से आए जयगीत ने ‘मन लागो रे लागो रे माझी गुरुभूज में’ सुनाकर अपनी संस्कृति की छाप छोड़ी। राजस्थान के कलाकारों ने राजस्थानी नृत्य पेश किया।
राजपथ पर हुए कार्यक्रमों में प्रदेश के 30 कलाकारों ने प्रतिनिधित्व किया। सहायक निदेशक सूचना केएस चौहान ने बताया इस बार का गणतंत्र समारोह हर बार से अलग था। प्रधानमंत्री की ओर से उत्तराखंड को भी महत्व दिया गया।