Republic Day 2022: उत्तराखंड में धूमधाम से मनाया जा रहा 73वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली।
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उत्तराखंड में भी बुधवार को 73वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली। समारोह में सेना, आईटीबीपी, पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी के जवानों ने मार्च पास्ट किया।
हिमवीरों ने औली में फहराया तिरंगा
औली में बर्फ के बीच जवानों ने गणतंत्र दिवस को बड़े उत्साह से मनाया। जोशीमठ पर्वतारोहण स्कीइंग आईटीबीपी औली के द्वारा 73वां गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। उपमहानिरीक्षक यशपाल सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर परेड की सलामी ली।
हरिद्वार में राष्ट्र ध्वज को सलामी दी गई
हरिद्वार पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडारोहण करते हुए राष्ट्र ध्वज को सलामी दी गई और संविधान की शपथ ली गई। साथ ही जनपद के सभी थाना व शाखाओं में कोविड के नियमों का पालन करते हुए हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई।
155 फीट ऊंचा तिरंगा नहीं फहराया गया
हल्द्वानी में गणतंत्र दिवस के अवसर पर नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क में 155 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया जाना था जो कि नहीं फहराया गया। वहीं ज्योलीकोट एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर में ध्वजारोहण किया गया।
आज गणतंत्र दिवस पर 175 कैदी रिहा
प्रदेश सरकार ने गणतंत्र दिवस पर 175 कैदियों को रिहा कर दिया है। राजभवन की ओर से इसकी अनुमति मिल चुकी है। इसमें सबसे अधिक जिला कारागार हरिद्वार से 63 कैदी रिहा हुए हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने गणतंत्र दिवस पर राज्य के विभिन्न कारागारों में लंबी अवधि से सजाएं काट रहे कैदियों की समयपूर्व रिहाई के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
राज्य गठन के बाद से यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में कैदियों को रिहा किया गया। जिन कैदियों को रिहा किया गया, उनमें एक पिछले 47 वर्षों से अधिक समय से सजा काट रहा था। सात अन्य कैदी 40 वर्षों से अधिक अवधि से विभिन्न कारागारों में सजा काट रहे थे। इनमें से 26 कैदी लगभग 30 वर्षों से अधिक अवधि से सजा काट रहे थे।
नौ महिला कैदियों को भी समय पूर्व मुक्त किए जाने की अनुमति दी गई। सम्पूर्णानन्द शिविर, सितारगंज से 27 कैदियों, केन्द्रीय कारागर ऊधमसिंहनगर से 52, जिला कारागार हरिद्वार से 63, जिला कारागार पौड़ी से एक, जिला कारागार चमोली से एक, केन्द्रीय कारागार बरेली उत्तर प्रदेश से 02, केन्द्रीय कारागार वाराणसी उत्तर प्रदेश से 01, केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ उत्तर प्रदेश से एक कैदी एवं 23 अन्य कैदियों को रिहा किया गया। कैदियों को राज्यपाल ने दया एवं उनके अच्छे आचरण के आधार पर समय पूर्व मुक्त किए जाने की अनुमति दी गई।