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मंत्री के रिश्तेदार मास्साब बन गए लाट 'साहब'
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 03 Dec 2013 12:37 PM IST
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उत्तराखंड में निलंबन के बावजूद शिक्षक दुर्गम तैनाती पर जाने को तैयार नहीं है।
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कुछ शिक्षकों ने बीमारी के नाम पर तबादले रुकवा लिए तो कइयों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस बीच 18 सालों तक सुगम में जमे रहे एक मंत्री के रिश्तेदार शिक्षक ने सत्ता की साठगांठ से दुर्गम तैनाती को ठेंगा दिखाते हुए कृषि विभाग में बतौर सहायक निदेशक प्रतिनियुक्ति करा ली।
विधिवत ताजपोशी की तैयारी
इतना ही नहीं कृषि विभाग अब इस प्रभावशाली शिक्षक की विधिवत ताजपोशी की तैयारी में है। शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजीबोगरीब हैं। यहां कई शिक्षक मूल तैनाती छोड़कर दफ्तरों से अटैच हैं। वहीं जो अटैच नहीं हैं वे वर्षों से सुगम स्कूलों में जमे हुए हैं।
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सुगम स्कूलों में जमे इन शिक्षकों के अनिवार्य तबादले कर दुर्गम में भेजे जाने के लिए शासन एड़ी चोटी का जोर लगा चुका है। इसके बावजूद ऊंची पहुंच रखने वाले इन शिक्षकों पर इसका कोई असर नहीं है। कुछ शिक्षक तो अपने तबादले रुकवा भी चुके हैं।
वहीं राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. यशवंत बर्त्वाल तो दुर्गम तबादले को ठेंगा दिखाते हुए कृषि विभाग में प्रतिनियुक्ति पर चले गए। बर्त्वाल को कृषि विभाग में सहायक निदेशक बना दिया गया है।
सोमवार को प्रमुख सचिव डॉ. रणबीर सिंह का इस आशय का पत्र कृषि निदेशालय में पहुंचने के बाद वहां हलचल मची हुई है।
डिप्टी डायरेक्टर बनाने की है तैयारी
सूत्रों के अनुसार बर्त्वाल कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के सगे रिश्तेदार हैं। उन्हें मंत्री की सिफारिश के चलते प्रवक्ता से कृषि विभाग में सहायक निदेशक बनाया गया है। मंत्री इन्हें विभाग में डिप्टी डायरेक्टर बनाने की तैयारी में हैं।
सुगम में जमे रहे
जीआईसी श्रीनगर में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता डा.यशवंत बर्त्वाल 1990 से 1995 तक अंजलीसैंण टिहरी में रहे। इसके बाद जीआईसी भल्लेगांव टिहरी में 1995 से 2005 तक उनकी तैनाती रही।
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जबकि 2005 से सितंबर वर्ष 2013 तक वह जीआईसी श्रीनगर में थे। 18 साल तक सुगम में रहने के बाद जीआईसी धारी टिहरी दुर्गम विद्यालय में इनका तबादला किया गया था।
कृषि विभाग में सांख्यिकीय के सहायक निदेशक पद पर डा.यशवंत सिंह बर्त्वाल की प्रतिनियुक्ति सशर्त मंजूर की गई है। वह जब अपने मूल विभाग से एनओसी लाकर देंगे तभी ज्वाइनिंग होगी। वैसे भी वह कृषि विभाग में पहले भी प्रतिनियुक्ति पर रह चुके है, जहां पर उन्हें तैनात करने के आदेश है उस पद के लिए वह योग्यता पूरी करते हैं।
- डॉ. रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव कृषि
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