{"_id":"5e5ac8688ebc3ef3d6550748","slug":"religion-is-the-root-of-the-vedas-and-vedas-are-the-origin-of-god-vikas-nagar-news-drn337833773","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘धर्म का मूल है वेद और वेदों का मूल है ईश्वर’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘धर्म का मूल है वेद और वेदों का मूल है ईश्वर’
विज्ञापन
आर्य समाज मंदिर में हवन करते श्रद्धालु।
- फोटो : VIKAS NAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य बाजार स्थित आर्य समाज मंदिर में चल रहे महर्षि दयानंद जयंती एवं बोधोत्सव कार्यक्रम का शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चारण समापन हो गया। पं. चंदन शास्त्री के निर्देशन में यज्ञ क्रिया संपन्न हुई। पं. शिव कुमार शास्त्री ने वेदों का बखान करते हुए कहा कि त्रैतवाद का सिद्धांत वेदों का सिद्धांत है।
उन्होंने कहा कि धर्म का मूल वेद है और वेद का मूल ईश्वर में बसा हुआ है। वेदों में भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों का उल्लेख है। ऐसे में मनुष्य को वेदों की ओर लौटना चाहिए। मनुष्य धर्म का कल्याण सिर्फ वेदों को अपना कर किया जा सकता है। आश्रम की छात्राओं ने भजनों के साथ दयानंद सरस्वती का गुणगान किया। जिला प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष गंभीर सिंह सिंधवाल ने आर्य समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र वर्मा ने किया।
इस मौके पर ओपी नागिया, रमण डंग, प्रवीन, बृजमोहन, सुमेध, नरेंद्र, डॉ. सुरेंद्र सैनी, संजय चौधरी, अमरजीत सिंह, सुरेंद्र पाल, दिनेश, नवीन, ऋतुंजय, विनय सैनी, दयानंद तिवारी, राजेश गोयल, अनिल गुरु, मयंक, अलका वर्मा, ईश्वर मेहंदीरत्ता, विमला महेंद्रू, विनिता, अनुजा, मीनू, पुष्पा, सुषमा, गीता, सावित्री, विजय, दिव्या, सोनिका, नंदिनी, मिथलेश, डॉ. सोनाक्षी, सुमन भारद्वाज आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धर्म का मूल वेद है और वेद का मूल ईश्वर में बसा हुआ है। वेदों में भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों का उल्लेख है। ऐसे में मनुष्य को वेदों की ओर लौटना चाहिए। मनुष्य धर्म का कल्याण सिर्फ वेदों को अपना कर किया जा सकता है। आश्रम की छात्राओं ने भजनों के साथ दयानंद सरस्वती का गुणगान किया। जिला प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष गंभीर सिंह सिंधवाल ने आर्य समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र वर्मा ने किया।
विज्ञापन
इस मौके पर ओपी नागिया, रमण डंग, प्रवीन, बृजमोहन, सुमेध, नरेंद्र, डॉ. सुरेंद्र सैनी, संजय चौधरी, अमरजीत सिंह, सुरेंद्र पाल, दिनेश, नवीन, ऋतुंजय, विनय सैनी, दयानंद तिवारी, राजेश गोयल, अनिल गुरु, मयंक, अलका वर्मा, ईश्वर मेहंदीरत्ता, विमला महेंद्रू, विनिता, अनुजा, मीनू, पुष्पा, सुषमा, गीता, सावित्री, विजय, दिव्या, सोनिका, नंदिनी, मिथलेश, डॉ. सोनाक्षी, सुमन भारद्वाज आदि शामिल रहे।
विज्ञापन