Dehradun News: निजी ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन पर नियामक आयोग ने मांगा जवाब, तीन साल में मांगा ब्योरा
आयोग ने पीटीडब्ल्यू मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपीसीएल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान यूपीसीएल के अधिकारी केवल कुमाऊं जोन और रुद्रपुर जोन की जानकारी ही उपलब्ध करा पाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में कितने प्राइवेट ट्यूबवेल (पीटीडब्ल्यू) हैं। इनमें से कितने लोगों को बिजली कनेक्शन किस आधार पर दिए गए। कहीं मालिक न होने पर तीन गुना शुल्क लेकर कनेक्शन दिए गए हैं। इन सभी सवालों पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने यूपीसीएल से जवाब मांगा है।
यूपीसीएल को पिछले तीन साल का डाटा आयोग में उपलब्ध कराना होगा। आयोग ने पीटीडब्ल्यू मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपीसीएल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान यूपीसीएल के अधिकारी केवल कुमाऊं जोन और रुद्रपुर जोन की जानकारी ही उपलब्ध करा पाए।
नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने यूपीसीएल को आदेश दिया कि वह हरिद्वार और गढ़वाल जोन में भी ऐसे कनेक्शन की पड़ताल करे। आयोग ने कहा, पीटीडब्ल्यू से पहले बीडीओ, वीडीओ या प्रधान से अनुमोदन लिया गया या नहीं।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: ज्योर्तिमठ में सुरक्षात्मक कार्यों के लिए DPR तैयार, आठ क्रिटिकल साइड पर काम शुरू करना प्राथमिकता
पिछले तीन साल में प्रदेश में कितने ऐसे कनेक्शन जारी किए गए। उपभोक्ता का नाम व पता, उनका कनेक्शन लोड, जमा की गई सिक्योरिटी राशि, कनेक्शन जारी होने की तिथि, मौके पर ट्रांसफार्मर लगाया या नहीं, एक फेज या तीन फेज पर जारी कनेक्शन, पिछले तीन साल में वर्षवार वार्षिक बिजली खपत, प्रोविजनल बिलिंग, किस फीडर(ग्रामीण, कृषि, मिक्स, शहरी) से कनेक्शन दिया गया है, की पूरी जानकारी मांगी है।