उत्तराखंडः जमीन का सौदा हुआ मंहगा, ये है नए रेट
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राजस्व बढ़ाने के दबाव में आई उत्तराखंड सरकार ने रातों-रात प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त को महंगा कर दिया है। जमीनों के पंजीकरण में लगने वाले शुल्क में ढाई गुना इजाफा किया गया है।
शासन के इस कदम से जमीनों के सौदों में लोगों को अब दस हजार की जगह 25 हजार रुपये का पंजीकरण शुल्क अदा करना होगा। वहीं, कई वजहों से मिलने वाली स्टांप ड्यूटी में ढाई प्रतिशत की छूट को भी शासन ने समाप्त कर दिया है।
इससे भी जमीन खरीदने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसका शासनादेश जारी होते ही वकील नाराज हो गए और मंगलवार से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं।
जमीन के सौदों को सरकार पहले ही सर्किल रेट बढ़ाकर महंगा कर चुकी है। ताजा कदम एक अदद घर की चाहत रखने वालों पर भारी पड़ेगा।
जानिए, यह होगी नई शुल्क दर
पांच लाख रुपये तक के मूल्य पर दो प्रतिशत पंजीकरण शुल्क लिया जाता है। जबकि पांच लाख रुपये से अधिक के मूल्य पर दस हजार रुपये का पंजीकरण शुल्क एकमुश्त है। लेकिन सोमवार को जारी शासनादेश के मुताबिक शासन ने 12.5 लाख रुपये तक की कीमत वाली जमीन पर दो प्रतिशत पंजीकरण शुल्क का प्रावधान कर दिया है।
इससे ऊपर के मूल्य की जमीन पर पंजीकरण शुल्क 25 हजार रुपये कर दिया गया है। शासन के इस कदम से वकीलों में खासी नाराजगी है। बार एसोसिएशन के सचिव अनिल गांधी ने नाराजगी जाहिर की है।
गांधी का कहना है कि शासन के इस फैसले के बाबत मंगलवार को आम सभा में फैसला लिया जाएगा। वैसे बार एसोसिएशन के अधिकतर सदस्य हड़ताल पर जाने के पक्ष में हैं।