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कक्षाओं में मोबाइल प्रतिबंध पर जनमत संग्रह शुरू
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देहरादून। कक्षाओं में मोबाइल की घंटी बंद करने पर छात्र-छात्राओं की राय जानने के लिए जनमत संग्रह शुरू हो गया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को उत्तरांचल विवि के दीक्षांत समारोह और एमकेपी पीजी कॉलेज पहुंचकर छात्र-छात्राओं की राय जानी।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कॉलेज-विवि में कक्षाओं में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। अमर उजाला ने ही सबसे पहले 13 जनवरी के अंक में यह खबर पाठकों तक पहुंचाई थीं। प्रतिबंध पर कुछ छात्र संगठनों ने विरोध जताया तो डॉ. रावत ने इस पर जनमत संग्रह कराने का एलान किया। शनिवार से जनमत संग्रह शुरू हो गया। डॉ. रावत ने बताया कि 15 दिन तक सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की राय जानी जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तरांचल विवि और एमकेपी पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने मोबाइल पर प्रतिबंध को अपनी सहमति दे दी है। अब बाकी कॉलेजों से भी छात्रों की राय आने के बाद नए सत्र से यह प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा।
छात्र व शिक्षकों का ध्यान भटकाता है फोन
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेशभर से तमाम शिक्षकों ने उन्हें पत्र भेजकर बताया कि मोबाइल की वजह से कक्षा में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। पढ़ाने के दौरान जहां रिंगटोन से शिक्षक का ध्यान भटकता है तो वहीं छात्रों को भी परेशानी होती है। लिहाजा, यह तय किया गया है कि 40 मिनट की क्लास के दौरान मोबाइल पर प्रतिबंध रहेगा। कॉलेज में मोबाइल लेकर आने वाले छात्रों के लिए इसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
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उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कॉलेज-विवि में कक्षाओं में मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। अमर उजाला ने ही सबसे पहले 13 जनवरी के अंक में यह खबर पाठकों तक पहुंचाई थीं। प्रतिबंध पर कुछ छात्र संगठनों ने विरोध जताया तो डॉ. रावत ने इस पर जनमत संग्रह कराने का एलान किया। शनिवार से जनमत संग्रह शुरू हो गया। डॉ. रावत ने बताया कि 15 दिन तक सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की राय जानी जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तरांचल विवि और एमकेपी पीजी कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने मोबाइल पर प्रतिबंध को अपनी सहमति दे दी है। अब बाकी कॉलेजों से भी छात्रों की राय आने के बाद नए सत्र से यह प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा।
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छात्र व शिक्षकों का ध्यान भटकाता है फोन
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेशभर से तमाम शिक्षकों ने उन्हें पत्र भेजकर बताया कि मोबाइल की वजह से कक्षा में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। पढ़ाने के दौरान जहां रिंगटोन से शिक्षक का ध्यान भटकता है तो वहीं छात्रों को भी परेशानी होती है। लिहाजा, यह तय किया गया है कि 40 मिनट की क्लास के दौरान मोबाइल पर प्रतिबंध रहेगा। कॉलेज में मोबाइल लेकर आने वाले छात्रों के लिए इसे सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
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