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Dehradun News: गलत बिल भेजने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों से होगी वसूली

Thu, 30 Jul 2026 02:11 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:11 AM IST
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Recovery will be made from electricity department officials who issued incorrect bills.
देहरादून। बीपीएल उपभोक्ता को लंबे समय तक संदेहास्पद और गलत बिल भेजने के मामले में उत्तराखंड विद्युत लोकपाल डीपी गैरोला ने अधिकारियों से वसूली का आदेश दिया है। उन्होंने तीन अन्य मामलों में भी अपने अहम फैसले सुनाए।
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22 बिल किसने भेजे, जांच के बाद उनसे वसूली
उत्तरकाशी में चिन्यालीसौड़ के तहत ढाणकोट गांव निवासी बीपीएल उपभोक्ता मदन लाल ने मई 2018 से अक्तूबर 2022 के बीच लगातार साढ़े चार साल (24 बिलिंग साइकिल) तक बिना सही मीटर के आईडीएफ (मीटर खराब) बिल भेजने और भारी-भरकम बकाया थोपे जाने के खिलाफ विद्युत लोकपाल के समक्ष अपील की थी। लोकपाल डीपी गैरोला ने कहा कि नियमानुसार केवल दो बिल ही दिए जा सकते हैं। उसके बाद नया मीटर लगाए बिना बिल जारी नहीं किया जा सकता। लोकपाल ने फोरम का फैसला बदलते हुए आदेश दिया कि उपभोक्ता से केवल पहले दो बिलों के अलावा शेष 22 बिलों की राशि नहीं वसूली जा सकती। निगम को वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए लोकपाल ने निर्देश दिया कि इस गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार डिवीजन के दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों की जांच कर उनसे शेष राशि की वसूली की जाए।
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यूपीसीएल ने 5590 रुपये जोड़े, 41 हजार यूपीसीएल पर ही निकले
ऊधमसिंह नगर के जसपुर स्थित इंडस टावर लिमिटेड ने जून और जुलाई 2025 के बिजली बिलों में पावर फैक्टर के नाम पर अनुचित रूप से 5,590 रुपये जोड़े जाने के खिलाफ अपील की थी। उपभोक्ता की शिकायत थी कि उनका पावर फैक्टर 0.96 से अधिक होने के बावजूद गलत चार्ज लगाया गया। लोकपाल ने पाया कि पुनरीक्षण के दौरान निगम ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिलों की तकनीकी त्रुटि को सुधारा था। लेजर में 7,550.82 रुपये का समायोजन कर दिया था। इसके बाद उपभोक्ता का कोई बकाया नहीं बचा बल्कि निगम की तरफ 41,000 रुपये अतिरिक्त जमा के रूप में निकल रहे हैं। लोकपाल ने उपभोक्ता की शिकायत का निवारण मानते हुए अपील खारिज कर दी और फोरम के आदेश को बरकरार रखा।
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पीएम सूर्यघर योजना का प्लांट मकान बेचने पर कैसे नाम हो, नियम स्पष्ट नहीं
ऊधमसिंह नगर के काशीपुर स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैनिक और कारगिल युद्ध के घायल बहादुर सिंह ने अपना मकान 30 सितंबर 2026 को बेच दिया था। मकान पर एक किलोवाट के कनेक्शन के साथ पीएम सूर्य घर के तहत पांच किलोवाट का रूफटॉप सोलर प्लांट लगा था। यूपीसीएल ने इस प्लांट को नए मकान मालिक के नाम करने से इन्कार कर दिया। मामले में यूपीसीएल, आरईसी ने अपना मत दिया था कि मकान बिकने के बाद सोलर प्लांट ट्रांसफर करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। लोकपाल ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह एक नीतिगत मामला है, इसलिए वे इस पर सीधे आदेश नहीं दे सकते। वहीं, लक्सर के महाराजपुर खुर्द निवासी धरमराज ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत बढ़ने संबंधी याचिका को लोकपाल ने खारिज कर दिया। अब उन्हें 2,17,468 रुपये की धनराशि जमा करानी होगी।
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