केदारघाटी पुनर्निर्माण: जिद पर अडे़ तीर्थ पुरोहित
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केदारपुरी के पुनर्निर्माण के लिए अधिकारियों और तीर्थ पुरोहितों के बीच बुधवार को पहला सीधा संवाद हुआ। अधिकारियों ने पुरोहितों के समक्ष पुनर्निर्माण का प्रारंभिक खाका रखते हुए सुझाव लिए।
तीर्थ पुरोहित धाम में सुरक्षित खडे़ भवनों को न तोड़ने और पुराने स्थान पर केदारपुरी बसाने की मांग पर अडिग रहे। ऐसे में अधिकारी केदारपुरी पुनर्निर्माण का नक्शा और प्लान बिना दिखाए लौट गए।
बुधवार को अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, आपदा प्रबंधन सचिव भास्करानंद और मुख्यमंत्री के सचिव अमित नेगी हेलीकाप्टर से गुप्तकाशी पहुंचे। विधायक शैला रानी रावत और डीएम डॉ. राघव लंगर की मौजूदगी में उनकी तीर्थ पुरोहितों के साथ बैठक हुई।
'पुनर्निर्माण का ब्लू प्रिंट सावर्जनिक करे सरकार'
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि बैठक में सिर्फ रूपरेखा रखी जा रही है। हक-हकूकधारियों के साथ चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जीएसआई (जियोग्राफिकल सर्वे ऑफ इंडिया) और वाडिया इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट को आधार बनाया जा रहा है। तीन माह प्लानिंग फेज के हैं।
शीतकाल में धाम में निर्माण सामग्री और जरूरी संसाधनों को स्टोर किया जाएगा, ताकि अप्रैल से काम शुरू हो सके।
बैठक में केदारसभा के अध्यक्ष शंकर प्रसाद बगवाड़ी ने कहा कि सरकार पुनर्निर्माण का ब्लू प्रिंट सावर्जनिक करे। महामंत्री केशव तिवाड़ी ने कहा कि मुआवजा संबंधी कमियां दूर की जाएं। तीर्थ पुरोहितों को अहेतुक राशि तक नहीं मिली।
तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लेकर होगा काम
विधायक शैला रानी रावत ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों को पूरी मदद मिलनी चाहिए। आपदा में कई पुराने घर टूट गए।
केदारसभा के पूर्व अध्यक्ष भगवती प्रसाद तिवारी ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों को पुरानी केदारपुरी में ही बसाया जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि पुनर्निर्माण कार्य तीर्थ पुरोहितों को स्वयं करने दीजिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि कहा कि सरकार कोई ऐसा भवन नहीं छेड़ेगी, जो सुरक्षित हैं। बिना तीर्थ पुरोहितों को विश्वास में लिए कोई काम नहीं होगा।
तीर्थ पुरोहित इसके लिए परामर्श समिति बना लें। अक्तूबर माह से केदारनाथ पैदल मार्ग अंडरग्राउंड विद्युत लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। अप्रैल 2015 से लिनचोली से केदारनाथ रोपवे का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।