उत्तराखंड में भाजपा खेल सकती है असम का दांव, बागियों की होगी एंट्री
- राज्य इकाई के विरोध के बावजूद 9 बागी विधायकों को पार्टी में शामिल करने की संभावना
- उत्तराखंड में असम सरीखा दांव खेलने के मूड में भाजपा
- शाह के साथ प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप की बैठक 18 को
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उत्तराखंड में हरीश रावत से मात खाने के बाद भाजपा विधानसभा चुनाव में असम की तर्ज पर दांव खेल सकती है। असम के हेमंत विश्व शर्मा की तरह उत्तराखंड में हरक सिंह रावत उसके तुरुप का इक्का हो सकते हैं।
इस बाबत ही पार्टी ने हरक के साथ कांग्रेस के सभी नौ बागी विधायकों को दल में शामिल करने का मन बनाया है। लेकिन प्रदेश भाजपा के विरोध ने उसके प्रयास में विलंब कर दिया है।
बताया जा रहा है कि बागी विधायकों की भाजपा में एंट्री का फार्मूला अमित शाह के जरिए राज्य भाजपा की बुलाई कोर समूह के नेताओं की बैठक में तय होगा। इन विधायकों की भाजपा में एंट्री तय है, मगर समय को लेकर फैसला लेना बाकी है। प्रदेश भाजपा नेताओं के विरोध ने बागियों की एंट्री में पेंच फंसा रखा है।
कोर कमेटी की बैठक में लग सकती एंट्री पर मुहर
अब बागी विधायकों की भाजपा में राह आसान बनाने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य भाजपा कोर ग्रुप की बैठक 18 मई को बुलाई है। इसमें कांग्रेस के सभी बागी विधायकों को दल में शामिल करने पर मुहर लगेगी।
इस अभियान से जुड़े पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि हरक सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के साथ अन्य बागी विधायकों को पार्टी में देर-सवेर शामिल करने का मन लगभग बना चुका है। लेकिन उनके भाजपा में शामिल होने के समय को लेकर मंथन जारी है।
राज्य भाजपा कोर ग्रुप के नेताओं के साथ शाह की बुधवार को होने वाली बैठक में इस मामले पर मंथन होगा। दरअसल, राज्य भाजपा के लगभग सभी नेताओं ने कांग्रेस के बागी विधायकों को दल में शामिल करने को लेकर अपना विरोध जता दिया है।
प्रदेश भाजपा के नेता हरक सिंह रावत की कार्यशैली से बखूबी परिचित हैं। उनकी नजर देर सवेर सूबे के मुख्यमंत्री पद पर है। इसलिए प्रदेश भाजपा के नेता उनके विरोध में झंडा बुलंद किए हुए हैं।