एक मौत ने खोली प्रधानमंत्री जनधन योजना की 'पोल'
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प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए बैंक खाते में मुफ्त एक लाख के दुर्घटना बीमा की सुविधा है। यानी खाता धारक की हादसे में मौत पर आश्रित को नियमानुसार एक लाख रुपए मिलेंगे। मगर, योजना छलावा साबित हो रही है।
21 वर्षीय अविनाश भारती पुत्र कोमल सिंह निवासी शिवाजीनगर ने योजना के तहत 29 अगस्त, 2014 को दून मार्ग स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में 10 रुपए बैलेंस पर खाता खुलवाया था।
अविनाश चंद्रेश्वरनगर में स्थित एक बेकरी का लोडर चलाता था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, एक नवंबर 2014 को सिलोगी, पौड़ी गढ़वाल से लौटते समय लोडर खाई में जा गिरा और हादसे में अविनाश की मौत हो गई।
मृतक आश्रित पिता ने पीएम जनधन योजना के तहत दुर्घटना बीमा की धनराशि के लिए बैंक में अर्जी दी। बैंक के कई चक्कर काटे, लेकिन बीमा राशि नहीं मिली।
'दुर्घटना बीमा नहीं मिलेगा'
पिता कोमल सिंह ने बताया कि उन्हें उस वक्त झटका लगा, जब बैंक ने यह कहकर लौटा दिया कि दुर्घटना बीमा नहीं मिलेगा।
क्या कहते हैं बैंक अधिकारी
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खाते में एक लाख के दुर्घटना बीमा का प्रावधान तो है, लेकिन गाइड लाइन के मुताबिक हादसे से 45 दिन पहले खाते के तहत मिला एटीएम कार्ड प्रयोग किया होना चाहिए। चाहे वह बैलेंस जानने के लिए क्यों न किया हो। अविनाश ने खाता खोलने के बाद एटीएम का प्रयोग नहीं किया, जिससे उसे बीमा योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
- हर्ष शर्मा, अधिकारी, बैंक ऑफ बड़ौदा
एनपीसीआई करेगी भुगतान
बैंक सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना बीमा का भुगतान बैंक नहीं करेगा। बीमा धनराशि का भुगतान नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया करेगी। बैंक केवल खाता खोलने का माध्यम है।