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पढ़िए, कैसे लोगों को बीमारी बांट रहा जल संस्थान

Sun, 09 Apr 2017 12:00 PM IST
सुनीत द्विवेदी/ अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 09 Apr 2017 12:00 PM IST
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reality of jal sansthan water supply
water - फोटो : demo pic

देहरादून में लोग गंदा पानी पी रहे हैं। दून अस्पताल में रोजाना सैकड़ों की संख्या में पेट की बीमारियों से संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। कहने को महकमे के अधिकारी वाटर टैंकों में क्लोरीन डालने का दावा करते हैं, लेकिन दूरदराज के क्षेत्रों में क्लोरीनयुक्त पानी नहीं पहुंच पाता है।

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वहीं, शहर की पेयजल लाइनें लीक होने के कारण भी क्लोरीन बेअसर साबित होता है। नतीजतन लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। लोगों को शुद्ध पानी मिले, इसके लिए जल संस्थान की ओर से वाटर टैंक में क्लोरीन का छिड़काव किया जाता है। दून अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक पेट संबंधी बीमारी के रोजाना करीब 400 मरीज पहुंच रहे हैं। 
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केस-1 
इंद्रानगर निवासी फहद अंसारी के पेट में बीते कुछ दिनों से दर्द हो रहा था। वह दून अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि गंदा पानी पीने की वजह से उन्हें यह समस्या हुई है। 
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केस-2 
कांवली रोड निवासी रोहित गर्ग की तबीयत भी गंदा पानी पीने की वजह से खराब है। डॉक्टर ने उन्हें दवा और पानी शुद्ध करके पीने की सलाह दी। 

लीकेज पेयजल लाइनें भी हैं समस्या

reality of jal sansthan water supply
water shimla

महकमे के अधिकारियों की मानें तो हर साल वाटर टैंक की सफाई होती है, लेकिन पेयजल लाइनें लीक होने के चलते भी तमाम घरों में गंदा पानी पहुंचता है। जिसे पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। जबकि लोगों का कहना है कि न तो पानी के टैंक की सफाई होती है और न ही टैंक पर ढक्कन लगाया जाता है। जिस कारण गंदा पानी घरों में पहुंचता है। कई महीनों से वाटर टैंक से पानी लीक हो रहा है।

पानी में पर्याप्त मात्रा में क्लोरीन मिलाया जाता है। कोशिश की जाती है कि अंतिम घर तक शुद्ध पानी पहुंचे। हां, कुछ जगहों पर पेयजल लाइनें लीक होने के चलते पानी गंदा हो जाता है।
- एसके गुप्ता, सीजीएम, जल संस्थान 

दूषित पानी पीने से डायरिया, उल्टी, दस्त समेत तमाम बीमारियों का खतरा रहता है। पेट से संबंधित बीमारियों को लेकर अस्पताल में रोजाना करीब 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। 
- डॉ. प्रवीण पंवार, सीनियर फिजीशियन, दून अस्पताल 

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