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राशन के गोदामों में अफसरों का 'महा'टॉर्चर
महेश्वर प्रसाद सिंह / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 21 Feb 2016 10:06 AM IST
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दूर दराज से देहरादून में सरकारी चावल लेकर आए ट्रक चालकों ने गोदाम के कुछ अधिकारियों पर रिश्वत लेकर ट्रक से राशन खाली कराने का आरोप लगाया है।
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वहीं गोदाम के अधिकारियों की माने तो नंबर के हिसाब से ट्रकों से राशन खाली करवाया जाता है। अगर धर्मकांटा से मिले पर्ची पर गौर फरमायें तो एक ट्रक चालक राशन खाली करवाने के लिए 15 दिन से गोदाम के बाहर अपने नंबर का इंतजार कर रहा है, जबकि उसके बाद आये दो ट्रक के चालकों ने दो दिन के भीतर गोदाम में राशन खाली करवाकर वापस चले गए।
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देहरादून ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र पाल सिंह उर्फ पिंकी ने कहा कि गोदाम के कुछ अफसरों की मनमर्जी के चलते दूर दराज से आए ट्रक चालकों के खाने के लाले पड़े हैं। कई ट्रक चालक 15 दिन से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
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वहीं जो ट्रक चालक सुविधा शुल्क दे देते हैं उनके ट्रक से राशन अगले दिन ही खाली करवा दिया जाता है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक ट्रक यूके 07सीए 0770 चार फरवरी को सरकारी चावल लेकर गोदाम पहुंचा।
उस दिन से वह अपने नंबर का इंतजार करता रहा। शनिवार को उसका नंबर आया और उसके ट्रक से राशन खाली करवाया गया, जबकि शुक्रवार को दो गाड़ियां यूपी 22टी 0534 और यूके 06सीए 6881 गोदाम में चावल लेकर आई और शनिवार को ट्रक से राशन खाली कराकर लौट गईं। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी ही बताएं कि नंबरों के आधार पर गाड़ियां कहां खाली करायी जा रही है।
एपीएल कार्ड धारकों के लिए राज्य खाद्य योजना के तहत डीलरों को चावल का आवंटन किया जा रहा है। शुक्रवार को जो गाड़ियां आई वह राज्य खाद्य योजना के चावल डिमांड पर लेकर आई थीं। इसलिए ट्रकों से राशन खाली करवाया गया। पहले से जो गाड़ियां खड़ी हैं उनमें राष्ट्रीय खाद्य योजना के चावल हैं। जिसकी अभी डिमांड नहीं है।
- कैलाशचन्द्र पांडेय, वरिष्ठ विपणन अधिकारी