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रामकथा त्याग और प्रेम की प्रेरणा देती है : अतुल कृष्ण
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श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ समिति की ओर से डाकपत्थर रोड स्थित मैदान में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि रामकथा त्याग और प्रेरणा की संदेश देती है।
उन्होंने शिव कथा और शिव विवाह का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। भजनों पर संगत खूब निहाल हुई। उन्होंने कहा कि धर्म पथ पर चलने के लिए श्रीराम कथा का श्रवण जरूरी है। धर्म का पथ समाज का कल्याण करता है। समाज को सही राह दिखाता है।
उन्होंने लोगों से सात्विक भोजन को अपनाने का आह्वान किया। कहा कि मनुष्य जैसा अन्न खाता है, वैसा ही उसका मन हो जाता है। तामसिक भोजन भक्ति में ध्यान नहीं लगने देता है। तामसिक भोजन राक्षसों का भोजन रहा है।
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उन्होंने प्रभु रामचंद्र के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की बात कही। कहा कि रामकथा के प्रत्येक पात्र हमें शिक्षा देता है। मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार नाश का कारण बनता है। त्याग और प्रेम की भावना मनुष्य का कल्याण करती है।
इस मौके पर मुख्य यजमान मनोज गुप्ता, प्रवीण गर्ग, अरुण मित्तल, सतीश जैन, अनिल कुमार, पुष्पा गर्ग, शैलेंद्र गर्ग, राजकुमार, धीरज मित्तल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने शिव कथा और शिव विवाह का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। भजनों पर संगत खूब निहाल हुई। उन्होंने कहा कि धर्म पथ पर चलने के लिए श्रीराम कथा का श्रवण जरूरी है। धर्म का पथ समाज का कल्याण करता है। समाज को सही राह दिखाता है।
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उन्होंने लोगों से सात्विक भोजन को अपनाने का आह्वान किया। कहा कि मनुष्य जैसा अन्न खाता है, वैसा ही उसका मन हो जाता है। तामसिक भोजन भक्ति में ध्यान नहीं लगने देता है। तामसिक भोजन राक्षसों का भोजन रहा है।
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उन्होंने प्रभु रामचंद्र के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की बात कही। कहा कि रामकथा के प्रत्येक पात्र हमें शिक्षा देता है। मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार नाश का कारण बनता है। त्याग और प्रेम की भावना मनुष्य का कल्याण करती है।
इस मौके पर मुख्य यजमान मनोज गुप्ता, प्रवीण गर्ग, अरुण मित्तल, सतीश जैन, अनिल कुमार, पुष्पा गर्ग, शैलेंद्र गर्ग, राजकुमार, धीरज मित्तल आदि मौजूद रहे।