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स्मृति शेष: यूपीए सरकार में सीबीआई के दुरुपयोग से नाराज थे जेठमलानी, कही थी ये बात

Mon, 09 Sep 2019 08:42 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 09 Sep 2019 08:42 AM IST
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Ram jethmalani death Allegations on UPA Government For cbi Misuse
राम जेठमलानी - फोटो : अमर उजाला

देश के जाने माने अधिवक्ता रहे राम जेठमलानी सीबीआई की स्वायत्तता के पैरोकार थे। नैनीताल में उन्होंने तत्कालीन यूपीए सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इसके तत्कालीन निदेशक की सराहना भी की थी।

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जेठमलानी वर्ष 2013 में दो बार नैनीताल हाईकोर्ट आए थे। वह स्टूर्जिया घोटाला मामले में एक न्यूज चैनल के स्वामी उमेश शर्मा की ओर से पैरवी के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट में उपस्थित हुए थे।
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मामले की सुनवाई तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष और न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष हुई थी। इसके बाद 28 अप्रैल 2013 में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष डीके शर्मा और सदस्यों ने यहां उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया था। तब वे राज्यसभा सदस्य थे।

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सीबीआई को केंद्र ने अपना मोहरा बनाया

एक समारोह में जेठमलानी ने तत्कालीन केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि सीबीआई को केंद्र ने अपना मोहरा बना रखा है और स्वतंत्र मानी जाने वाली इस एजेंसी का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही तर्ज पर कहा था कि जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए पहली शर्त स्वस्थ शरीर है। जेठमलानी ने युवा अधिवक्ताओं का आह्वान किया था कि वकालत समाज का महत्वपूर्ण पेशा है।

युवा अधिवक्ताओं को इन बातों का ध्यान रखते हुए वकालत का सम्मान बनाए रखने के लिए सचेत रहना चाहिए। इस पेशे का प्रयोग पैसे के लिए नहीं बल्कि राष्ट्र उत्थान के लिए होना चाहिए। इससे पहले नैनीताल में पत्रकार वार्ता में भी जेठमलानी ने कहा था कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है।

की थी सीबीआई के तत्कालीन निदेशक रंजीत सिन्हा के हलफनामे की तारीफ

उन्होंने सीबीआई के तत्कालीन निदेशक रंजीत सिन्हा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दिया था उसकी भी उन्होंने तारीफ की थी। इस जांच एजेंसी से उसकी स्वतंत्रता नहीं छीनी जानी चाहिए।

इन्होंने दी श्रद्धांजलि
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता डीके शर्मा, पूर्व सांसद महेंद्र पाल सिंह, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, डीएस पाटनी, कमलेश तिवारी, संदीप तिवारी, परेश त्रिपाठी, गुड्डू जोशी, प्रदीप चौहान, राजेंद्र डोभाल, पूरन सिंह बिष्ट, जयवर्धन कांडपाल, अमर शुक्ला, बीएम पिंगल, लता नेगी, नीतू सिंह, हरेंद्र बेलवाल, एसके मंडल, हरिमोहन भाटिया आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उनके निधन से न्यायिक जगत में पैदा हुए रिक्त स्थान की भरपाई हो पाना मुश्किल है। 

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