कांग्रेस की सभा में कांग्रेस को ही पाठ पढ़ा गए एनडी
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हल्द्वानी में कांग्रेस के बुलावे पर आए एनडी तिवारी रामलीला मैदान पर आयोजित सभा में अतीत से लेकर वर्तमान की यात्रा पर निकल गए।
अंग्रेजों की बात की, हिटलर को याद किया। स्वतंत्रता संग्राम के संस्मरण सुनाए। नहीं किया तो 22 मिनट के भाषण में कांग्रेस को याद और बाबा के लिए सीधे तौर वोट की अपील।
उनके इस भाषण को हम हु-ब-हू प्रकाशित कर रहे हैं।
भाषण की शुरुआत करीब 9:30 पर एनडी इतिहास से करते हैं। बोले अंग्रेजों ने भारत की संपदा, दौलत और किसानों को लूटकर यूरोप बनाया।
अंग्रेजों के अत्याचारों को आज भी नफरत की नजर से देखा जाता है। जबकि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाई।
पलटने लगे स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष के पन्ने
आजादी का जिक्र करते हुए अचानक वह अपने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष के पन्ने पलटने लगे। बोले स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वह बरेली सेंट्रल जेल में बंद रहे, अंग्रेजों के अत्याचार सहे। फिर वह बरेली से हिटलर पर पहुंच जाते हैं।
कहा वो अपने अत्याचार के लिए आज भी जाना जाता है। युवाओं से देश का इतिहास पढ़ने का आह्वान किया। बोले भारत का इतिहास स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है, आगे भी लिखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी अहिंसा के रास्ते पर चले, जबकि सुभाष चंद्र बोस ने हथियारों का सहारा लेकर अंग्रेजों का मुकाबला किया।
इसके बाद तिवारी जी ने कहा कि देश में अभी विकास का समय है। हल्द्वानी को बनाने का समय है। राज्य में औद्योगिक विकास होना चाहिए।
आखिर में चुनाव का जिक्र जुबां पर आया, जिसको सुनने को आवाम जुटी थी। पर उन्होंने कहा कि ‘चुनाव का क्या है यह तो आते-जाते रहेंगे’।
अपने 22 मिनट के भाषण में उन्होंने कांग्रेस का नाम नहीं लिया और समर्थक उम्मीद करते ही रह गए।
चाय पिलाने और चरण छूने वालों का भ्रम दूर किया
इससे पहले वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कमान संभाली थी। तिवारी जी की राजनीतिक कर्मभूमि और जन्मभूमि का बखान किया। कहा 1952 में तिवारी जी हल्द्वानी से विधायक चुने गए थे। 1957 में दोबारा विधायक बने।
बोलीं तिवारी जी ‘आशीर्वाद’ तो सबको देते हैं, मगर उनका वोट और समर्थन कांग्रेस के साथ है। तिवारी जी ने आज हल्द्वानी आकर चाय पिलाने और चरण छूने वालों का भ्रम दूर कर दिया है।
तिवारी सात तारीख को काशीपुर में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेंगे। कबीना मंत्री हरीश दुर्गापाल, कांग्रेस प्रत्याशी केसी सिंह बाबा, पूर्व विधायक नारायण पाल, मनीषी तिवारी और मंडी सभापति सुमित हृदयेश ने भी सभा को संबोधित किया।
इस दौरान विधायक नैनीताल सरिता आर्य, प्रदेश प्रवक्ता शिल्पी अरोड़ा, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, हेमंत बगड़वाल, मोहन गिरी गोस्वामी, एनबी गुणवंत, हरीश मेहता, हर्षवर्धन पांडेय, हाजी कय्यूम, ललित जोशी, विरेंद्र गुप्ता, अमरजीत सिंह चड्डा, दिगंबर वर्मा, संजय राजपूत, विमला सांगुड़ी, मयंक भट्ट, शोभा बिष्ट, राजेंद्र सिंह रज्जी, राजीव जायसवाल, हाजी सुहेल सिद्दीकी, हसनैन रजा खतीबी, मोहम्मद गुफरान आदि थे।
...आप तो चंद्रवंशी राजा है
पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी से जब कांग्रेस प्रत्याशी केसी सिंह बाबा ने आशीर्वाद मांगा तो उन्होंने कहा कि आप तो चंद्रवंशी राजा हैं।
..यह तो दक्षिण कोरिया का मोबाइल है
तिवारी जी सूचना क्रांति की बात कर रहे थे। इस दौरान उनके हाथ में मोबाइल था। अचानक मोबाइल बजा और माइक पर हरे कृष्णा का भजन सुनाई देने लगा। तिवारी जी बोले यह तो दक्षिण कोरिया की सैमसंग कंपनी का मोबाइल है।
हाथ पकड़कर खड़े होना बुरा लगता है
तिवारी जी ने कहा कि मैं 89 वर्ष का हो गया हूं। आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के अत्याचार के कारण मेरे पैर अब जवाब दे गए हैं, लेकिन किसी का हाथ पकड़कर या सहारा लेकर खड़ा होना अभी बुरा लगता है।
आप तो घर-घर के बाबा हैं
पीडीएफ कोटे से कबीना मंत्री हरीश दुर्गापाल ने कांग्रेस के शान में कसीदे पढ़े। तिवारी जी के समय से अब तक की विकास गाथा का बखान किया। इस दौरान उन्होंने बाबा से चुटकी ली और कहा कि आप तो घर-घर के बाबा हैं।
समय कम है जल्दी माइक छोड़ो
कबीना मंत्री हरीश दुर्गापाल भाषण देने में ऐसे मशगूल हो गए कि समय का ध्यान ही नहीं रहा।
वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने उन्हें दो-तीन बार समय का ध्यान दिलाया, साथ ही जल्द भाषण समाप्त कर माइक देने को कहा।
केसी पंत को समर्थन देने आ रहे हैं
पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगड़वाल की संचालन के दौरान जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा केसी सिंह बाबा की जगह केसी पंत को पूर्व सीएम जल्द ही आशीर्वाद देने आने वाले हैं।
इस दौरान वह मंडी सभापति का नाम भी भूल गए। उन्होंने जल्दबाजी में सुमित हृदयेश की जगह जीवन सिंह कार्की को मंडी सभापति कह दिया।