तीन तलाक पर बोले स्वामी, कहा भारत में क्यों नहीं लागू हो सकता यूनिफार्म सिविल कोड?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन तलाक और मुस्लिमों के कानून को लेकर अगर ऑस्ट्रेलिया सहित दूसरे देशों में यूनिफार्म सिविल कोड का पालन किया जा सकता है तो भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता?
मामला सुप्रीम कोर्ट में है, उम्मीद है जल्द ही इस पर फैसला होगा। नारद जयंती के मौके पर विश्व संवाद केंद्र के पत्रकार सम्मान समारोह में पहुंचे राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कुछ इस अंदाज में अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि अगर पूर्व सैनिकों को हथियार और पैसा देकर कश्मीर की जिम्मेदारी सौंप दें तो एक साल के भीतर कश्मीर का मसला हल हो जाएगा। स्वामी ने कहा कि देश में सांस्कृतिक क्रांति होनी चाहिए। 2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद इसकी शुरुआत हो चुकी है।
पूर्व सैनिकों को कश्मीर भेज दें तो सब ठीक कर देंगे
उन्होंने कहा कि दुनिया में हिंदू संस्कृति को छोड़कर 46 में से 45 संस्कृतियां विलुप्त हो चुकी हैं। थोड़ा इंतजार करो, धारा 370 पर भी फैसला ले लिया जाएगा। स्वामी ने कहा कि देश में अगर दस लाख पूर्व सैनिकों को पैसा और हथियार देकर कश्मीर भेज दें तो एक साल के भीतर सब ठीक कर देंगे।
कश्मीर में पत्थरबाजी पर उन्होंने कहा कि युवाओं को बाकायदा पैसा दिया जा रहा है। कश्मीर पुलिस पर पत्थर फेंकने का 500 रुपये, सीआपीएफ पर पत्थर फेंकने का 1000 रुपये और सेना पर पथराव का 2000 रुपये दिया जाता है।
उन्होंने राम मंदिर के मामले पर भी अपनी बात रखी और अगले साल अयोध्या में राम मंदिर बनाने की हुंकार भरी। इस मसले पर वह सात जून को अयोध्या में सभी संगठनों की बैठक भी बुलाने जा रहे हैं।