भारत-चीन सीमा पर हिमवीरों को राजनाथ सिंह ने दिया नए साल का तोहफा, खिल गए जवानों के चेहरे
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नए साल पर भारत-चीन सीमा स्थित आईटीबीपी की नेलांग चौकी पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बेहद विषम परिस्थितियों के बीच रह रहे हिमवीरों के देश सेवा के जज्बे को सलाम किया।
उन्होंने बॉर्डर पर हिमवीरों को मिल रही सुविधाओं को कम बताते हुए इनमें सुधार का भरोसा दिलाया। उन्होंने बॉर्डर आउट पोस्टों पर हिमवीरों की तैनाती अवधि कम करने और हिमालय में 9 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाली पोस्टों पर तैनात हिमवीरों को स्पेशल क्लोथिंग और माउंटेनियरिंग इक्विपमेंट (पर्वतारोहण का सामान) की सुविधा मुहैया कराने की घोषणा की।
नेलांग में ट्रायल लैंडिंग
सोमवार सुबह आठ बजे बीएसएफ के हेलीकॉप्टर ने नेलांग में ट्रायल लैंडिंग की। इसके बाद पौने दस बजे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और आईटीबीपी के डीजी आरके पचनंदा हेलीकॉप्टर से नेलांग पहुंचे।
यहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटा हिमवीरों के साथ बिताया। गृहमंत्री ने हिमवीरों को नए साल के साथ ही लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी और मिठाई, फल, मूंगफली और रेवड़ी उन्हें दी। आईटीबीपी के डीजी पचनंदा ने उन्हें भारत-चीन सीमा की अग्रिम चौकियों के बारे में बताया।
तीन-तीन महीने की अवधि को कम किया जाएगा
गृह मंत्री ने कहा कि अभी बॉर्डर पोस्टों पर हिमवीरों को तीन-तीन महीने के लिए तैनात किया जाता है। विषम परिस्थितियों में होने वाली स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को देखते हुए इस अवधि को कम किया जाएगा।
अभी तक समुद्र सतह से 11 हजार फीट से अधिक ऊंचाई की पोस्टों पर तैनात हिमवीरों को ही स्पेशल लाइटवेट क्लोथिंग, 14 हजार फीट से अधिक ऊंचाई की पोस्टों पर स्पेशल क्लोथिंग और माउंटेनियरिंग इक्विपमेंट की सुविधा मिलती है।
गृह मंत्री ने अब ये सुविधाएं नौ हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाली सभी पोस्टों के लिए लागू करने की घोषणा की। इसके बाद गृह मंत्री पौने एक बजे हेलीकॉप्टर से मातली पहुंची और फिर दिल्ली लौट गए।