फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   rajnath singh attend religious function in haridwar.

भारत ने पूरी दुनिया को दिया ज्ञान-विज्ञान: राजनाथ

Sun, 22 Feb 2015 02:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sun, 22 Feb 2015 02:45 AM IST
विज्ञापन
rajnath singh attend religious function in haridwar.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राम सीता कथा के मंच पर कहा कि संत नाम या पदवियों से विभूषित नहीं होते। बल्कि उनकी तपस्या और कृतित्व ही उनका भूषण होते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म परायण भारत ने पूरी दुनिया को ज्ञान और विज्ञान दिया है।

विज्ञापन


भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यामित्रानंद की ओर से आयोजित किए गए राम सीता कथा के अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि जर्मन दार्शनिकों ने भी ऐसा माना था कि भारत जैसे देश को एक जन्म में नहीं समझा जा सकता।
विज्ञापन


भारत को जानने के लिए कई जन्मों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम का भाव रखने वाला भारत ही यह कह सकता है कि जो मेरे है वही तेरे में है।

उन्होंने स्वामी सत्यामित्रानंद के लंबी आयु की कामना करते हुए कहा कि कलियुग में 125 साल की आयु मनुष्य की मर्यादा मानी गई है और मर्यादा किसी को तोड़नी नहीं चाहिए। लेकिन, स्वामी जी के लिए वह यह मर्यादा तोड़ने की मांग करेंगे। सत्यामित्रानंद ने राजनाथ सिंह को स्वर्ण मंडित भारत माता मंदिर की मूर्ति भेंट करते हुए कहा कि देश फिर से चंद्रगुप्त मौर्य के काल का भारत बने।

विज्ञापन
विज्ञापन

संतो के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद

rajnath singh attend religious function in haridwar.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पंडाल में सभी को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। वहीं संतों को माला पहनाकर स्वागत करने की साथ ही दोनों हाथों से पैर छुए। अपना संबोधन पूरा करने के बाद विदा होने से पहले फिर से सभी संतों के पैर छूकर देश की उन्नति और शांति के लिए दुआ मांगी।

केवल नरमी से काम नहीं चलता
स्वामी सत्यामित्रानंद ने राजनाथ सिंह को एक रुद्राक्ष की माला भी भेंट की। माला भेंट करते समय उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को हर समय नरम नहीं रहना चाहिए। देश की भलाई के लिए कभी रुद्र की तरह आंखें तरेरनी चाहिए। यह माला गृहमंत्री को इसकी याद दिलाती रहेगी।

रामदेव के नाम पर चुप्पी साधी
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते राजनाथ सिंह स्वामी सत्यामित्रानंद को पद्म भूषण से ऊपर बताया। लेकिन, बाबा रामदेव को पद्म भूषण के लिए पहले नाम की चर्चा चलने और बाद में नहीं दिए जाने की बाबत पूछे जाने पर वह चुप्पी साध गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed