राजबब्बर ने सपा को बताया 'कौरवों की सेना'
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राजबब्बर ने उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन के दौरान खुद की तुलना महाभारत युद्ध में कौरवों की सेना में शामिल होने से की। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध (राज्य गठन आंदोलन) में कौरवों (समाजवादी पार्टी) के पक्ष में रहना मेरा दोष है लेकिन मैं उस घटना (रामपुर तिराहा कांड) का दोषी नहीं हूं।
घटना (रामपुर तिराहा) को लेकर किसी ने मेरा बयान नहीं सुना होगा। राजबब्बर ने यह बातें उत्तराखंड विधानसभा में पहुंचकर राज्यसभा के लिए चुने जाने का प्रमाण पत्र लेने के बाद कहीं।
रिटर्निंग अफसर जगदीश चंद्र ने शुक्रवार को राजबब्बर को प्रमाणपत्र देकर राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। उन्होंने राज्यसभा सदस्यता का प्रमाणपत्र शहीद पार्क जाकर शहीदों के चरणों मे समर्पित किया।
राजबब्बर ने खुद पर बाहरी और राज्य विरोधी होने के लग रहे आरोपों को पटाक्षेप करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैं संयुक्त उत्तर प्रदेश के समय राज्य सभा का सांसद था। मैं उत्तराखंड लगातार आता रहा हूं और सिनेमा के साथ 1994 से सक्रिय हूं।
कहा, तब मुझे नहीं आती थी राजनीति
राजबब्बर ने बड़ी साफगोई से कहा कि जिस दौरान उत्तराखंड गठन को लेकर आंदोलन चल रहा था मुझे न तो राजनीति का इतना ज्ञान था और न ही पार्टी में दखल थी। उन्होंने कहा मैंने रूहेलखंड बुंदेलखंड के समर्थन की बात कही है और छोटे राज्यों को अधिकार मिले उसका पक्षधर है।
राज्य से जुड़ाव पर कहा कि पुराना ट्रैक रिकार्ड देख लें। क्षेत्र की जनता को भगवान समझता हूं। मैं पूरी तरह से सक्रिय और यहां लगातार आता रहूंगा।
उन्होंने एक बार फिर राज्य आंदोलन से जुड़ी महिलाओं को नमन कर उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि मैं नामांकन के दिन ही शहरी पार्क जाकर शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करता लेकिन मैं चाहता था निर्वाचित होने को प्रमाणपत्र ले जाकर उनके चरणों मे रखूं और उसे दिल्ली ले जाकर उनके संकल्पों और सपनों को पूरा करूं।
राजबब्बर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के अपने निर्विरोध चुने जाने के लिए पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों का आभार जताया।