राजाजी टाइगर रिजर्व: कासरो रेंज में अब पूरे साल जंगल सफारी कर सकेंगे पर्यटक
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग का कहना है कि इससे जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं कोरोना संकट के चलते आर्थिक संकटों का सामना कर रहे सफारी संचालकों को भी राहत मिलेगी।
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जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की तर्ज पर राजाजी टाइगर रिजर्व के कुछ क्षेत्रों में पर्यटक अब साल भर तक सफारी कर सकेंगे। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटक अब सत्यनारायण मंदिर से लेकर कासरो तक (लगभग 19 किलोमीटर) सफारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा एक अक्टूबर से लेकर 30 जून तक मोतीचूर से राजारानी तक वाया माइक्रो टावर मार्ग को भी पर्यटकोें के लिए खोले जाने का आदेश जारी किया गया है।
राजाजी टाइगर रिजर्व: अब ‘अंधेरे’ में भी करें हाथी और बाघ का दीदार, साल भर होगी जंगल सफारी
बता दें कि राजाजी टाइगर रिजर्व के सफारी संचालकों के साथ ही जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल समेत कई जनप्रतिनिधियों की ओर से मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया था कि जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की तर्ज पर राजाजी टाइगर रिजर्व में भी सत्यनारायण मंदिर से लेकर कासरो तक सफारी के लिए पूरे साल भर के लिए सफारी की अनुमति दी जाए। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग का कहना है कि इससे जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं कोरोना संकट के चलते आर्थिक संकटों का सामना कर रहे सफारी संचालकों को भी राहत मिलेगी।
गाड़ियों के साथ पहुंचे सफारी संचालक लेकिन नहीं पहुंचा आदेश
आदेश जारी होने के बाद कई सफारी संचालक अपनी गाड़ियों के साथ सत्यनारायण मंदिर पहुंच गए और टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जाने की बात कही। वहीं ड्यूटी पर मौजूद विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों ने यह तर्क देकर मना कर दिया कि उनके पास कोई आदेश नहीं मिला है और जैसे ही आदेश की प्रति मिलेगी उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आबादी में आ रहे हाथियों ने बढ़ाई परेशानी
राजाजी टाइगर रिजर्व, देहरादून व मसूरी वन प्रभाग के जंगलों से निकलकर आबादी की ओर दाखिल हो रहे हाथियों ने ग्रामीणों के साथ ही वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जंगलों से निकलकर आबादी की ओर रुख कर रहे हाथी जहां खेतों में खड़ी फसलों खासकर धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वही ग्रामीणों पर हाथियों के हमले का भी डर बना हुआ है। हालांकि, अभी तक हाथियों ने किसी ग्रामीण पर हमला नहीं बोला है। हाथियों के आबादी की ओर रुख करने से जहां ग्रामीण खौफजदा हैं, वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को जंगलों में ही रखने को लेकर तमाम एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने बताया कि टाइगर रिजर्व के हाथी टाइगर रिजर्व से निकलकर आबादी की ओर न जाने पाए इसके लिए जितने भी एलीफेंट कोरिडोर हैं वहां हाथियों की निगरानी की जा रही है। वहीं जिन इलाकों में हाथी आते आते जाते रहते हैं उन इलाकों में भी गश्त को तेज कर दिया गया है।
हाथी आबादी क्षेत्रों में न जाने पाए इसके लिए बेहद संवेदनशील इलाकों में सोलर फेंसिंग भी लगाई गई है। साथ ही बुलडोजर की मदद से बड़ी बड़ी खाई दी खोदी जा रही है ताकि हाथियों को आबादी की ओर जाने से रोका जा सके। टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि हाथियों के आबादी क्षेत्र में दाखिल होने की तत्काल जानकारी मिल सके इसके लिए ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है।