{"_id":"57bfc0674f1c1b680cd50133","slug":"raipur-roads-and-school-is-in-bad-condition","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनता त्रस्त, न सड़क बन रही है न स्कूल के कक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनता त्रस्त, न सड़क बन रही है न स्कूल के कक्ष
नलिनी गुसाईं / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 26 Aug 2016 09:40 AM IST
विज्ञापन
उमेश शर्मा काऊ
- फोटो : AmarUjala
आखिर इसमें हमारा क्या कसूर है। हमारे क्षेत्र के विधायक की सदस्यता निरस्त हो गई तो इसकी सजा हमें क्यों मिल रही है। सरकार ने ऐसी कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की है। यह पीड़ा है रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की।
विज्ञापन
राजधानी देहरादून के सभी दस विधायकों के लिए जहां कुल एक करोड़ 75 लाख रुपये ग्राम्य विकास विभाग को मिल गए हैं। वहीं उमेश शर्मा (काऊ) के रायपुर क्षेत्र के लिए कोई किश्त रिलीज नहीं हुई है। उमेश शर्मा की विधानसभा सदस्यता निरस्त होते ही क्षेत्र के विकास कार्य रुक गए।
विज्ञापन
लोगों की समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वह किससे क्षेत्र के विकास की मांग करें। क्षेत्र में इस वर्ष न कोई सड़क बनी है और न ही स्कूल के भवन की स्थिति सुधरी है। यहां तक की नाली की मरम्मत भी नहीं हुई है। स्कूलों में कुर्सियों और कंप्यूटर का इंतजार हो रहा है।
विज्ञापन
ग्राम्य विकास विभाग के पास नौ चयनित और एक नामित विधायक के लिए कुल एक करोड़ 75 लाख रुपये की राशि पहुंची हैं। जो सभी विधायकों को बराबर-बराबर दी जाएगी। पर उमेश शर्मा के क्षेत्र के लिए कोई पैसा नहीं पहुंचा है।
विभाग के पास यह दूसरी किश्त पहुंची है। इससे पहली किश्त में भी काऊ के क्षेत्र के लिए कोई पैसा नहीं था। सभी विधायकों को 17 लाख पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।
इन विधायकों को मिलेगा पैसा
हरबंस कपूर- कैंट विधानसभा
दिनेश अग्रवाल-धर्मपुर विधानसभा
प्रीतम सिंह-चकराता
नवप्रभात- विकासनगर
सहदेव सिंह पुंडीर- सहसपुर
राजकुमार- राजपुर
गणेश जोशी- मसूरी
प्रेम चंद अग्रवाल- ऋषिकेश
हीरा सिंह बिष्ट- डोईवाला
आरवी गार्डनर- नामित विधायक
उमेश शर्मा ‘काऊ’ के क्षेत्र के विकास के लिए इस साल विभाग के पास कोई किश्त नहीं पहुंची है। बाकी दस विधायकों का पैसा विभाग के पास पहुंच गया है।
- आलोक कुमार पांडेय, सीडीओ
लड़ाई हमसे है, जनता से तो नहीं
पूर्व विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने क्षेत्र के विकास के लिए किश्त रिलीज नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साहब लड़ाई हमसे है, जनता से तो नहीं। इसमें जनता का क्या कसूर है जो उन्हें भोगना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 18 मार्च के बाद क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री दो साल पुराने कार्यों का शुभारंभ कर यह दिखाना चाह रहे हैं कि क्षेत्र में काम हो रहा है। सुना है कि अब डालनवाला, एमडीडीए कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन का शुभारंभ सीएम करने वाले हैं, जबकि यहां भवन दो साल से चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब बाकी 10 विधानसभाओं को पैसा दे दिया जा रहा है तो यहां के लिए भी किश्त जारी कर विकास कराना सरकार की जिम्मेदारी बनती है।