बारिश का कहर: टनकपुर-चंपावत मार्ग 10 मी. बहा, यात्रियों ने छोड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा
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आधा अगस्त बीत जाने के बाद बादल देवभूमि उत्तराखंड में खूब बरस रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में बादलों ने अपना क्रूर रूप दिखाया है। यहां बादलों के कहर से पहाड़ी इलाकों में आपदा जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बारिश से टनकपुर-चंपावत मार्ग पर सूखीढांग के पास 10 मीटर रोड बह गई है। जिस कारण रास्ता बंद हो गया है। यहां वाहनों की लंबी कतार लग गई है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग भीरी व जामू नर्सरी के समीप भूस्खलन के कारण अवरूद्ध पड़ा हुआ है। ऋषिकेश-बदरीनाथ व कुंड-ऊखीमठ-चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात जारी है। रुद्रप्रयाग जनपद में 18 संपर्क मोटर मार्ग भी बंद हैं।
खराब रास्तों की हालत देखते हुए कई यात्रियों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा बीच में ही छोड़ दी है। 17वें दल के अब तक आठ लोग यात्रा छोड़ चुके हैं। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में 26 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य इलाकों में भी बारिश के आसार हैं।
खराब रास्तों को देखते हुए छह यात्रियों ने छोड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा
कैलाश यात्रा के पैदल मार्ग छंकन, लामारी और मालपा में रास्ते खराब होने और पहाड़ियों से भूस्खलन होने के चलते सोमवार को यात्रियों को वापस धारचूला लौटा दिया था। यात्रियों को मंगलवार को भी पर्यटक आवास गृह में ही रोका गया।
यात्रा छोड़कर हल्द्वानी लौटे यात्री
56 सदस्यीय दल में यूपी के यात्री निरोज कुमार (48) ने 17 अगस्त को धारचूला में यात्रा छोड़ दी। इसके बाद गुजरात की सीमा बेन (53) ने भी आगे जाने में असमर्थता जताई।
मंगलवार को अरुण रहेजा (51) यूपी, किशोर पाटिल (52), नितिन शाह (55) दोनों निवासी महाराष्ट्र, सुभाष चंद्र (66) हरियाणा, उमेश चंद्र गर्ग (63) निवासी दिल्ली यात्रा छोड़कर हल्द्वानी लौट गए हैं।
निजी कारणों का हवाला देते हुए यात्रा छोड़ी
इसके बाद दोपहर के भोजन के बाद प्रकाश देवशी दभी (39) निवासी जामनगर (गुजरात) ने निजी कारणों का हवाला देते हुए यात्रा छोड़ दी है। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने बताया कि जिला प्रशासन की अनुमति के बाद ही यात्रियों को आगे की यात्रा पर रवाना किया जाएगा।
इधर, उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि छंकन, लामारी और मालपा रास्ते से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द रास्ते को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
बुजुर्ग राजेंद्र प्रसाद ने मालपा में गुजारी रात
17वें दल के कैलाश यात्री राजेंद्र प्रसाद (65) निवासी फरीदाबाद सातवीं बार कैलाश की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने 18 अगस्त की रात मालपा में गुजारी। 1998 में हुए मालपा हादसे के बाद यहां यात्रियों को नहीं रोका जाता है। उन्होंने कहा कि शायद भोलेबाबा की यही इच्छा हो।
पांचवीं बार कैलाश यात्रा पर जा रहे यूपी के नरेंद्र कुमार सैनी ने बताया कि उन्होंने छंकन में 13 यात्रियों के साथ रात्रि विश्राम किया। उन्होंने कहा कि ऊपरी क्षेत्र के रास्ते खुलने के बाद वे भोलेनाथ की नगरी के दर्शन अवश्य करेंगे।