हरिद्वारः किसानों पर पड़े 50 करोड़ के ‘ओले’
बेमौसम बरसात में हरिद्वार जिले के किसानों पर करीब 50 करोड़ रुपए के ओले पड़े हैं। अकेले गेहूं की फसल को 44 करोड़ रुपए का नुकसान का अनुमान है।
सरसों की फसल को भी करीब पौने तीन करोड़ की चपत लग चुकी है। दिसंबर से अब तक 100 मिलीमीटर (मिमी) के आसपास बारिश हो चुकी है।
बेमौसम बारिश की शुरुआत 13 दिसंबर से हुई। दिसंबर माह में 23.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि जनवरी में 12 मिलीमीटर। फरवरी में थोड़ी राहत महसूस हुई, लेकिन मार्च के महीने में अब तक 56.6 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। बारिश के साथ ओले भी पड़े।
बारिश और ओलों ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी। गेहूं और सरसों की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। जिला कृषि अधिकारी जेपी तिवारी के मुताबिक गेहूं की फसल को करीब 20 प्रतिशत और सरसों की फसल को करीब 25 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
इन फसलों उत्पादन भी इसी मात्रा में गिरने की आशंका है। अन्य फसलों को भी आंशिक नुकसान हुआ है। जिले में किसानोंको करीब 50 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
गेहूं को हुए नुकसान का आंकलन
जिले में गेहूं का रकबा करीब 46 हजार हेक्टेयर
औसतन 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की पैदावार
जिले में दो लाख 76 हजार क्विंटल गेहूं पैदा होने का अनुमान था
बारिश के चलते 20 फीसदी गिर सकता है उत्पादन
करीब दो लाख 76 हजार क्विंटल गेहूं कम होने की आशंका
1600 रुपये क्विंटल के हिसाब से इसकी कीमत 44 करोड़ 16 लाख रुपए
सरसों को हुए नुकसान का आंकलन
जिले में सरसों का रकबा 1600 हेक्टेयर
औसतन 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की पैदावार
जिले में 32 हजार क्विंटल पैदावार की थी उम्मीद
सरसों के उत्पादन में बताई जा रही करीब 25 फीसदी की कमी
आठ हजार क्विंटल कम हो सकता है सरसों का उत्पादन
किसानों को लगेगी करीब दो करोड़ 72 लाख रुपए की चपत
कब-कब बरसे बदरा
तारीख - बरसात की मात्रा
13 दिसंबर 14 - 9.4
14 दिसंबर - 13.8
22 जनवरी 15 - 7.0
26 जनवरी - 3.0
27 जनवरी - 2.0
तीन फरवरी - 6.0
एक मार्च - 9.8
दो मार्च - 38.8
आठ मार्च - 8.0
कुल बारिश - 97.8
(नोट-बारिश मिलीमीटर में)