अन्नदाताओं पर बरसा इंद्रदेव का कहर, बेमौसम बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
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मौसम के बदले मिजाज से हर कोई दंग है। बारिश और ओले से पारा तो धड़ाम हुआ ही है जनजीवन भी अस्तव्यस्त हो गया। कुमाऊं के कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क कट गया। मलबा आने से भवाली-अल्मोड़ा एनएच और पूर्णागिरि मार्ग पर कई बार आवागमन बाधित हुआ।
पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर दरकी पहाड़ी की चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई, उसका साथी घायल हो गया। काशीपुर में बिजली गिरने से युवक की मौत हो गई, जबकि बागेश्वर के एक स्कूल में गिरी बिजली से छात्र और शिक्षक बाल-बाल बच गए।
तराई-भाबर क्षेत्र में कटाई के बाद खेतों में मढ़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। कई स्थानों पर गेहूं की खड़ी फसल खेतों में बिछ गई। ओलावृष्टि से भी फलों और रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
पिथौरागढ़ में ऊंची चोटियों पर बुधवार को भी हिमपात हुआ। डीडीहाट, अस्कोट, नाचनी, गंगोलीहाट में कई घंटे तक बारिश हुई। पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर इन दिनों सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है।
बारिश के दौरान बुधवार करीब ढाई बजे बंदरलीमा के पास पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया, जिसकी चपेट में आकर बैड़ा (अस्कोट) निवासी मजदूर रमेश चंद्र पाठक की मौत हो गई, हड़खोला निवासी राजेंद्र सिंह घायल हो गया।
बालातड़ी क्षेत्र में मंगलवार रात बारिश के दौरान मलबा आने से संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। छह घरों में मलबा घुस गया। यहां गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। नेड़ा गांव में भी मलबा गिरने से सरस्वती खोलिया का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है।
पिछले 24 घंटे में अल्मोड़ा में 11.2 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। चौंसली के समीप नाली बंद होने से बरसाती पानी आने से अल्मोड़ा-भवाली हाइवे पर आधा घंटा यातायात बाधित रहा। दन्यां-आरा सल्पड़ मार्ग मलबा आने से रात में बंद हो गया था। बुधवार को शाम तीन बजे यातायात सुचारू हुआ। आंधी से पेटशाल के पास 33 केवीए हाइटेंशन लाइन पर चीड़ का एक पेड़ गिर गया, जिससे तोली उपकेंद्र से जुड़े बाड़ेछीना, दन्या, बीना, जागेश्वर, तोली, पेटशाल सभी फीडर बंद हो गए और विकासखंड धौलादेवी और भैंसियाछाना के 54 ग्राम सभाओं की बिजली गुल हो गई।
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से काफी मात्रा में सिल्ट आ गई तो पंप हाउस बंद करना पड़ा, जिससे नगर की पेयजल आपूर्ति बाधित रही। बारिश और ओलावृष्टि से लमगड़ा, भैंसियाछाना, चौखुटिया, ताकुला ब्लॉक के गांवों में सब्जी और आलू की फसल को क्षति हुई है। वहीं फलों के पेड़ों पर आए फूल भी झड़ गए हैं। रानीखेत में भी बिजली बाधित रहने से बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ।
बागेश्वर जिले में ओलावृष्टि से फसलों, सब्जियों, आम और लीची सहित अन्य फलदार पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचा है। इधर, राजकीय इंटर कॉलेज गढ़खेत के परिसर में दोपहर 12:45 बजे बिजली गिर गई, जिससे छात्र और शिक्षक बाल-बाल बचे। इससे पूर्व भी कॉलेज परिसर में दो बार बिजली गिर चुकी है। कौसानी, देवनाई, लाहुरघाटी, पिंगलों घाटी में भी तेज बारिश हुई। बारिश से गरुड़ और गोमती नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है।