धाम पहुंचने को कांग्रेस युवराज ने किए ये जतन
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शुक्रवार को राहुल गांधी की मौजूदगी में धाम के रावल श्री भीमाशंकर ने केदारनाथ धाम के कपाट खोले। जिसके बाद करीब 15 मिनट तक राहुल ने मंदिर के गर्भ गृह में पूजा की। भगवान केदार का दर्शन करने के लिए राहुल करीब पांच किमी. बर्फीले क्षेत्र से गुजरे। लेकिन उनके चेहरे पर कोई थकान नहीं दिखी।
राहुल शु्क्रवार सुबह करीब 6 बजे लिंचौली से केदारनाथ के लिए निकले। जहां से वह 8 बजकर 15 मिनट पर धाम पहुंचे। लिंचौली से धाम तक लगभग पांच किमी. का यह रास्ता बेहद निर्जन और कठिन है। पूरे में रास्ते में बर्फ बिछी हुई है। बर्फ भी इतनी कि इसे काटकर रास्ते का निर्माण किया गया है।
पैदल यात्रा में कठिन रास्तों से गुजरने के बाद भी राहुल के चेहरे पर शिकन नहीं थी। पूरे रास्ते में उनमें भरपूर उत्साह दिखाई दिया। बर्फ और सर्दी को मात देकर वह लाठी के सहारे आगे बढ़ते रहे। लिंचौली से केदारनाथ के रास्ते पर कहीं-कहीं बर्फ में पाला पड़कर खतरनाक फिसलन क्षेत्रों का भी सामना करना पड़ा।
बेहद साधारण अंदाज में दिखाई दिए राहुल
हमेशा कुर्ता पायजामा पहने हुए दिखने वाले राहुल उत्तराखंड में बेहद साधारण अंदाज में दिखाई दिए। लिंचौली से केदारनाथ जाने के दौरान वह नीली जींस और काली जैकेट में दिखे।
धाम पहुंचने पर वहां पहुंचे लोग राहुल गांधी को देखने के लिए उत्साहित दिखे। कपाट खुलने के बाद उन्होंने मंदिर की परिक्रमा की और वहां मौजूद लोगों से बात भी की।
इसके बाद राहुल हेलीकॉप्टर पर बैठकर देहरादून के लिए रवाना हो गए। उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी इस यात्रा से बेहद उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के केदारधाम आने से देश और दुनिया में सुरक्षित उत्तराखड, सुरक्षित केदारनाथ का संदेश पहुंचेगा।
शुक्रवार दोहपर 12 बजे तक मंदिर के बाहर श्रद्घालुओं की तीन सौ मीटर लंबी लाइन लग चुकी थी। पहले दिन धाम में गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों के श्रद्घालु असीम भक्ति भाव के साथ पहुंचे।