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विद्युत विभाग के कामों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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खत सैली के ककनोई गांव में बिछाई जा रही बिजली की लाइनें और पोल सवालों के घेरे में आ गए हैं। लोगों का आरोप है कि पोल से बिजली आपूर्ति बहाल होने से पहले ही पोल जमीन में धंसने लगे है। लोगों की मांग है कि विभाग के आला अधिकारी मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
इन दिनों गांव के दोऊ छानी में पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण और सौभाग्य योजना के तहत बिजली लाइन बिछाए जाने का काम चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइन बिछाने का टेंडर किसी ओर ठेकेदार के पास है, जबकि कार्य स्थानीय ठेकेदारों से करवाया जा रहा है। बिजली पोल को खड़ा करने के लिए गड्ढों की गहराई मानक अनुसार नहीं है। सीमेंट भी मानक अनुसार नहीं लगाया जा रहा है। जिस कारण पोल बिजली लाइन चालू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, चतर आदि का कहना है कि मामले में कई बार विभागीय अधिकारियों से मौखिक और लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद पोल लगाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। योजना के तहत करोड़ों की लागत से विद्युतीकरण किया जा रहा है। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता एस. के गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
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इन दिनों गांव के दोऊ छानी में पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण और सौभाग्य योजना के तहत बिजली लाइन बिछाए जाने का काम चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइन बिछाने का टेंडर किसी ओर ठेकेदार के पास है, जबकि कार्य स्थानीय ठेकेदारों से करवाया जा रहा है। बिजली पोल को खड़ा करने के लिए गड्ढों की गहराई मानक अनुसार नहीं है। सीमेंट भी मानक अनुसार नहीं लगाया जा रहा है। जिस कारण पोल बिजली लाइन चालू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, चतर आदि का कहना है कि मामले में कई बार विभागीय अधिकारियों से मौखिक और लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद पोल लगाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। योजना के तहत करोड़ों की लागत से विद्युतीकरण किया जा रहा है। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता एस. के गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
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