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Dehradun News: पिटकुल एमडी नियुक्ति संबंधी नियम बदलने पर उठाए सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पिटकुल के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड में विवाद गहरा गया है। जन प्रहार संगठन ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर एक विशिष्ट अधिकारी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में गुपचुप तरीके से बदलाव करने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्रेस वार्ता में संगठन की सुजाता पॉल ने कहा कि 18 फरवरी को उच्च न्यायालय ने पिटकुल एमडी की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बावजूद पद से न हटाए जाने पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव (ऊर्जा) को 19 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समन जारी किया है। संगठन का आरोप है कि पदमुक्त करने का आदेश बैकडेट में दिखाकर प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ खिलवाड़ किया गया है।
संगठन ने सवाल उठाया कि अब नए नियमों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा को दो साल क्यों बढ़ाया गया। प्रबंध निदेशक के पद के लिए अनिवार्य तकनीकी योग्यता की शर्त को क्यों समाप्त किया गया। संगठन ने आशंका जताई है कि ऊर्जा विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं हो सकती हैं। उन्होंने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रेस वार्ता में दीप्ति पोखरियाल और एडवोकेट पंकज सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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देहरादून। पिटकुल के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड में विवाद गहरा गया है। जन प्रहार संगठन ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर एक विशिष्ट अधिकारी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में गुपचुप तरीके से बदलाव करने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्रेस वार्ता में संगठन की सुजाता पॉल ने कहा कि 18 फरवरी को उच्च न्यायालय ने पिटकुल एमडी की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बावजूद पद से न हटाए जाने पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव (ऊर्जा) को 19 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का समन जारी किया है। संगठन का आरोप है कि पदमुक्त करने का आदेश बैकडेट में दिखाकर प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ खिलवाड़ किया गया है।
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संगठन ने सवाल उठाया कि अब नए नियमों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा को दो साल क्यों बढ़ाया गया। प्रबंध निदेशक के पद के लिए अनिवार्य तकनीकी योग्यता की शर्त को क्यों समाप्त किया गया। संगठन ने आशंका जताई है कि ऊर्जा विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं हो सकती हैं। उन्होंने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रेस वार्ता में दीप्ति पोखरियाल और एडवोकेट पंकज सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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