{"_id":"5df111fa8ebc3e87a91f304a","slug":"pwd-diploma-engineer-announced-protest-movement-from-26th-december-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: प्रमोशन न होने से डिप्लोमा इंजीनियर्स खफा, 26 से आंदोलन का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: प्रमोशन न होने से डिप्लोमा इंजीनियर्स खफा, 26 से आंदोलन का एलान
Thu, 12 Dec 2019 08:54 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 12 Dec 2019 08:54 AM IST
सार
- उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में फैसला
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लोक निर्माण विभाग में प्रमोशन न होने से नाराज डिप्लोमा इंजीनियर्स ने 26 दिसंबर से चरणबद्ध आंदोलन करने का फैसला किया है। संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में नाराजगी जाहिर की गई कि बार-बार मांग के बावजूद कनिष्ठ अभियंता की सहायक अभियंता के पदों पर पदोन्नति नहीं की गई।
विज्ञापन
संघ भवन देहरादून में आयोजित इस तिमाही बैठक में संघ के सभी पदाधिकारियों के अलावा कुमाऊं और गढ़वाल मंडल अध्यक्ष, महामंत्री सभी जनपदों के जिलाध्यक्ष व सचिव उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरएस मेहरा ने की। संचालन प्रदेश महामंत्री एसएस चौहान किया। बैठक में अनूप उनियाल, अरुण भंडारी, प्रवीण सक्सेना, प्रदीप ममगाईं, आरसी शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
विज्ञापन
इन मांगों को लटकाने पर है नाराजगी
बैठक में डिप्लोमा इंजीनियर्स के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया गया। 2011 से डिग्री कोटे के तहत पदोन्नति न करने, वरिष्ठता के आधार पर वर्ष 2016-17 के बाद अभी तक कनिष्ठ अभियंता की सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति न करने, पीएमजीएसवाई के तहत कार्यरत सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सभी पद संवर्गीय होने, लेकिन लोनिवि के पदों को निसंवर्गीय करने और और इसके चलते पदोन्नति के अवसर खत्म होने पर रोष व्यक्त किया गया।
विज्ञापन
उच्च अभियंता की जिम्मेदारी क्यों नहीं?
बैठक में यह सवाल भी उठाया गया कि निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता के लिए अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारी को ही जिम्मेदार क्यों माना गया है? ये जिम्मेदारी उच्च अभियंताओं की क्यों तय नहीं की गई? बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शासन इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर अधिकारी को नियुक्त करे।