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Dehradun News: जीवनगढ़ में पुरोहित कर्म प्रशिक्षण केंद्र शुरू
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मार्तण्य वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान की ओर से लाइन जीवनगढ़ में पुरोहित कर्म प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ निदेशक संस्कृति शिक्षा एसपी खाली ने किया।
उन्होंने कहा कि सनातनी संस्कृति में धार्मिक कर्मकांड का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई प्रकार के संस्कार होते हैं। इन संस्कारों को पुरोहितों के माध्यम से संपन्न कराया जाता है। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. सुनील पैन्यूली ने पुरोहित कर्म का महत्व समझाया। कहा कि सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन में पुरोहितों की मुख्य भूमिका है। नई पीढ़ी इस पेशे में नहीं आ रही है, जिसे देखते हुए युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्र खोला गया है।
युवाओं और धर्म में रूचि रखने वालों को पुरोहित के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने की जानकारी दी जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष शांति जुवांठा और जयराम संस्कृत महाविद्यालय ऋषिकेश के पूर्व प्रधानाचार्य मायाराम रतूड़ी ने संस्थान के इस प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुरोहित भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। इस मौके पर हीरा लाल पैन्यूली, आचार्य नितीश जगूड़ी, प्रकाश बहुगुणा, सुधीर गैरोला, प्रवीन रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि सनातनी संस्कृति में धार्मिक कर्मकांड का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु तक कई प्रकार के संस्कार होते हैं। इन संस्कारों को पुरोहितों के माध्यम से संपन्न कराया जाता है। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. सुनील पैन्यूली ने पुरोहित कर्म का महत्व समझाया। कहा कि सनातन धर्म के संरक्षण और संवर्धन में पुरोहितों की मुख्य भूमिका है। नई पीढ़ी इस पेशे में नहीं आ रही है, जिसे देखते हुए युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से केंद्र खोला गया है।
युवाओं और धर्म में रूचि रखने वालों को पुरोहित के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने की जानकारी दी जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष शांति जुवांठा और जयराम संस्कृत महाविद्यालय ऋषिकेश के पूर्व प्रधानाचार्य मायाराम रतूड़ी ने संस्थान के इस प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुरोहित भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। इस मौके पर हीरा लाल पैन्यूली, आचार्य नितीश जगूड़ी, प्रकाश बहुगुणा, सुधीर गैरोला, प्रवीन रतूड़ी आदि मौजूद रहे।
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