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शहीद विभूति की पत्नी नीतिका की मौसी बोलीं जिस डर से कश्मीर छोड़ा, आज वही सामने आ गया

Wed, 20 Feb 2019 08:43 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 20 Feb 2019 08:43 AM IST
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Pulwama Encounter martyr vibhuti wife aunty told about kashmir displacement
शहीद मेजर विभूति की पत्नी निकिता की मौसी गिरिजा वारिको

हमने जिस डर से कश्मीर छोड़ा था, आज वही हमारे सामने आ गया। तब भी बच्चे सुरक्षित नहीं थे, आज भी हमारी फौज सुरक्षित नहीं है। हमें तभी चैन मिलेगा, जब आतंकियों को जवाब मिलेगा।

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शहीद मेजर विभूति की पत्नी नीतिका की मौसी गिरिजा वारिको के दिल में इस घटना के बाद फिर कश्मीर विस्थापन का दर्द जिंदा हो गया। निकिता के परिवार ने 90 के दशक में आतंकियों से परेशान होकर कश्मीर छोड़ दिया था।
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निकिता कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका परिवार वर्ष 1990 में कश्मीर के आतंक से परेशान होकर विस्थापित हो गया था। परिवार अब फरीदाबाद में रहता है। निकिता की मौसी गिरिजा वारिको ने बताया कि जब हम कश्मीर में रहते थे तब आतंकवादी उन्हें बहुत परेशान करते थे। 

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‘एक के बदले 100 आतंकी लाओ’

Pulwama Encounter martyr vibhuti wife aunty told about kashmir displacement
martyr major vibhuti

किसी के भी बच्चे को मार देते थे। उनके इस खून-खराबे की वजह से हमने कश्मीर छोड़ा था। अपनी मातृभूमि छोड़ने का दर्द जरूर था। लेकिन, इत्मिनान भी था कि अब वह सुरक्षित हैं। निकिता की शादी हुई। आज पति मेजर विभूति शहीद हो गए। जिस डर से तब घर छोड़ा था, आज उसी विपदा से पूरा परिवार गुजर रहा है।

यह कहते उनका चेहरा गुस्से से लाल हो गया। उन्होंने इस बात पर सख्त नाराजगी जताई कि आतंकी दो मरते हैं और हमारे जवान पांच शहीद होते हैं। कब तक चलेगा यह सब? उन्होंने सरकार से मांग की कि एक बार ही आतंक का इलाज करें। देश में आतंक फैलाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए।

नीतिकाकी मौसी गिरिजा अपने दामाद मेजर विभूति की शहादत के बाद से बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने अब तक की सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कहा, इतने सालों में हमारे इतने बेटे शहीद हो गए, लेकिन सरकार ने क्या किया। हमें एक शहीद के बदले 100 आतंकियों की लाशें चाहिएं।

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