चुनाव के कारण आप हो सकते हैं बे-बस
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एक ओर जहां कर्मचारियों को मतदान केंद्रों में पहुंचाने के लिए देहरादून के परेड ग्राउंड में वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ है।
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वहीं आईएसबीटी, रिस्पना और विकासनगर जाने वाले यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। हर रूट पर वाहनों का भारी टोटा होने से जमकर ओवरलोडिंग भी हुई।
उधर, शहर में अधिकांश सिटी बसों का अधिग्रहण होने से यात्रियों को दिक्कत हुई। संभागीय परिवहन विभाग ने शहर के हर रूट से 75 फीसदी वाहनों का अधिग्रहण कर लिया है।
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ऐसे में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत पहाड़ी रूट पर जाने वाले यात्रियों को हो रही है।
रिस्पना पुल ट्रैकर स्टेंड में यात्री तड़के पहुंच जा रहे हैं, लेकिन वाहन न होने से यात्रियों को सीट पाने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। यही हाल विकासनगर रूट का भी है।
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उत्तराखंड परिवहन निगम की भी 75 बसों का अधिग्रहण किया गया है। यह बसें दिल्ली और हल्द्वानी रूट पर चलती हैं। यही कारण है कि दोनों रूटों की बसें इन दिनों खचाखच भरकर रवाना हो रही हैं।
टूर ऑपरेटर्स को छूट क्यों
चुनाव ड्यूटी के लिए तमाम वाहनों का अधिग्रहण किया गया है, लेकिन इनमें टूर ऑपरेटर्स के गिने चुने ही वाहन हैं।
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जबकि शहर में इनकी संख्या सैकड़ों में है। वाहन संचालक शिकायत कर रहे हैं कि आरटीओ ने बड़े टूर ऑपरेटर्स को अघोषित छूट दे रखी है। ऐसा क्यों किया गया, इसको लेकर भी खासी चर्चा रही।