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दिल्ली में केंद्र पर हल्ला बोलेगी उत्तराखंड कांग्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 03 Dec 2014 02:30 AM IST
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उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय केंद्र सरकार के खिलाफ हमला बोलने के लिए तमाम पुराने मुद्दे उठा रहे हैं। इनमें ऐसे मुद्दे भी शामिल हैं, जिनकी पृष्ठभूमि में यूपीए की सरकारें रही हैं।
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किशोर कहते हैं पुराने अध्यक्ष ने क्या किया और उसकी क्या प्रगति है, मैं नहीं जानता ...मैं तो नया हूं। मैं मुख्य कार्यकर्ता हूं, ऐसे मुद्दों को जिंदा रखूंगा जो प्रदेश के हित में हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न मुद्दों को लेकर वह 18 दिसंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना देंगे।
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विकास पैकेज पर चिंता
राज्य को मिलने वाले औद्योगिक विकास पैकेज को फिर से शुरू किया जाए इसे लेकर प्रदेश अध्यक्ष बेहद चिंतित हैं। जब पूछा गया कि यह पैकेज कांग्रेस की केंद्र सरकार के कार्यकाल में बंद हुआ, तो इससवाल पर कोई ठोस जवाब तो नहीं मिला, लेकिन तर्क दिया कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में इसका उल्लेख किया था और अब पांचों सांसद भाजपा के हैं तो प्रदेश की जनता से किया गया वादा पूरा करें।
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सीएम हरीश रावत के फिलहाल धरना न देने के आग्रह पर प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि ब्लॉक और जिले के पदाधिकारियों ने बाकयदा प्रस्ताव पारित किया है, ऐसे में मैं और मुख्यमंत्री जी भी ऐसा करने के लिए बाध्य हैं।
ये हैं मांगें
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कुछ दिनों पूर्व राष्ट्रपति को ज्ञापित मांगों की लंबी फेहरिस्त लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना चाहती है।
कांग्रेस की मांगों में ग्रीन बोनस, आपदा राहत के अतिरिक्त चार हजार करोड़, राज्य में मौजूद केंद्र सरकार के आईडीपीएल और एचएमटी जैसे उपक्रमों को आर्थिक पैकेज, राज्य के लोगों को केंद्र सरकार की सेवाओं में आरक्षण की परिधि में लाना, गंगा स्वच्छता के लिए 10 हजार करोड़, स्थानीय निकायों व पंचायतों को स्वच्छता के लिए बजट आवंटन करना शामिल है।