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उत्तराखंड: 14 साल बाद भी सड़क नहीं बनी तो गुस्साई महिलाओं ने सरेआम लगा लिया 'फंदा'

Sun, 30 Sep 2018 11:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Sun, 30 Sep 2018 11:10 AM IST
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protest of road not make from 14 years
महिलाओं ने दी आत्महत्या करने की धमकी - फोटो : amar ujala

14 वर्ष बाद भी सड़क नहीं बनने पर पोखरी के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। एक पूर्व सैनिक और एक महिला ने कलक्ट्रेट के ऑडिटोरियम के छज्जे पर चढ़कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

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इस बीच और लोगों ने भी छज्जे पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे गुस्साई महिलाओं ने गले में रस्सी बांधकर समस्या का समाधान नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी।
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साथ ही अन्य आंदोलनकारियों ने थालियां बजाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का गुस्सा बढ़ता देख पुलिस ने 30 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें बाद में एसडीएम के समक्ष पेश कर छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने एक हफ्ते के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पर्यावरण प्रेमियों द्वारा एनजीटी का दरवाजा खटखटाने से सड़क का निर्माण रुका

जिला मुख्यालय से सटे पोखरी गांव के लिए वर्ष 2004 में सड़क स्वीकृत हुई थी। लोनिवि ने निम बैंड से पोखरी तक 800 मीटर सड़क का सर्वे किया और सड़क में आने वाली वन भूमि के हस्तांतरण की स्वीकृति भी मिल गई, लेकिन पड़ोसी गांव के कुछ लोगों के विरोध और शासन-प्रशासन की लापरवाही के चलते आज तक सड़क नहीं बन पाई है।

कुछ पर्यावरण प्रेमियों द्वारा एनजीटी का दरवाजा खटखटाए जाने से सड़क का निर्माण अधर में लटक गया है। पोखरी के ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीते जनवरी से कलक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे हैं।

शनिवार को धरने के 250 दिन पूरे होने पर पूर्व सैनिक शूरवीर नेगी व एक महिला कलक्ट्रेट परिसर में बने ऑडिटोरियम के छज्जे पर रस्सी के सहारे चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

महिलाओं ने दी आत्महत्या की चेतावनी

इस दौरान अन्य महिलाएं भी छज्जे पर चढ़ने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन तभी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें रोक दिया। इससे गुस्साई महिलाओं ने गले में रस्सी बांधकर मांग पूरी नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी।

वहीं अन्य आंदोलनकारियों ने थालियां बजाकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने 24 महिलाओं और छह पुरुषों को 151 पुलिस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष महादेव उनियाल ने बताया कि गिरफ्तार आंदोलनकारियों को एसडीएम के समक्ष पेश कर छोड़ दिया गया है।

वहीं ग्रामीण बलवीर कैंतुरा, पूजा नेगी, सुशीला नेगी, सुधा कैंतुरा, केदारी देवी, लक्ष्मण सिंह नेगी, नत्थी सिंह, जमन राणा, निर्मला देवी आदि ग्रामीणों ने कहा है कि एक हफ्ते के भीतर मामले में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 

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