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उत्तराखंडः प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ भड़का गुस्सा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 15 Jun 2015 09:08 AM IST
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उत्तराखंड के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में जनआंदोलन कर फिर से सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है।
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कहा है कि इस बार आंदोलन में छात्रों और आम लोगों को भी जोड़ा जाएगा। रविवार को अखिल भारतीय समानता मंच के बैनर तले हुई बैठक में एकजुटता एवं आंदोलन के लिए संयोजक मंडल गठित किया गया। बैठक में पदोन्नति में दिए जाने वाले आरक्षण को असंवैधानिक बताया गया।
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विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार पूर्व में आरक्षण को लेकर हुए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की अनदेखी कर रही है। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष महेश डोबरियाल ने कहा कि आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू किया जाए।
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बैठक में सरकार पर कर्मचारियों को बांटने का आरोप लगाया गया। इंजीनियर वीपी नौटियाल ने कहा कि सरकार 80 फीसदी लोगों की अनदेखी कर रही है। सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश रमोला ने आरक्षण पर कोर्ट के फैसले को लागू करने की मांग की।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता एके बिष्ट, दून हाउसिंग सोसायटी बसंत विहार के अध्यक्ष कर्नल अनुसूया प्रसाद कुमेरी (रिटायर्ड), इंजीनियर आरपी कुड़ियाल, रामलाल नौटियाल, प्रधान संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष मीनू क्षेत्री, सचिवालय में समीक्षा अधिकारी जीतमणि पैन्यूली, दीपक जोशी आदि मौजूद रहे।
हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका
बैठक में निर्णय लिया गया कि साल 1997 से वर्ष 2012 के बीच जो प्रमोशन हुए उसे रिवर्ट (वापस) करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। यह भी कहा गया कि आरक्षण पर विजय बहुगुणा सरकार के दौरान जो आंदोलन किया गया था वह छोटा था। अब जो आंदोलन सामने आएगा, वह बड़ा होगा।
नौटियाल मुख्य संयोजक बने
बैठक में गठित संयोजक मंडल में डीसी नौटियाल को मुख्य संयोजक बनाया गया है। कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष महेश डोबरियाल, राजकीय शिक्षक संघ के मंडल मंत्री रमेश पैन्यूली, सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी, प्राथमिक शिक्षक संघ देहरादून के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली, पशुपालन विभाग के डॉ. कैलाश उनियाल, रानीखेत से आए शिक्षा विभाग के प्रकाश चंद तिवारी व इंजीनियर राकेश प्रसाद नैथानी को सह संयोजक बनाया। निर्णय लिया कि जल्द सम्मेलन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इस बार भी कुछ ऐसा करना होगा
बैठक में कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने कहा कि पूर्व के आंदोलन में विजय बहुगुणा सरकार को टिहरी से जीतकर दिखाने की चुनौती दी गई थी, इस बार भी कुछ ऐसा ही करना होगा।
वल्दिया को फंसाने का आरोप
बैठक में सरकार पर आरक्षण का विरोध करने वाले मुख्य संयोजक रहे सुमन सिंह वल्दिया को फंसाने का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों को विपरीत परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।
अभी नहीं हुआ फैसला
पदोन्नति में आरक्षण के मसले पर सरकार के स्तर से अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। मामले में एक सदस्य इरशाद हुसैन आयोग का कार्यकाल 31 जुलाई तक का है। आयोग की संस्तुति के बाद ही सरकार कोई फैसला लेने की बात कर रही है। बैकलॉग के पदों को भरने के लिए कर्मचारियों की ओर से पदोन्नतियों में आरक्षण की मांग की जा रही है।