उत्तराखंड में शराब की दुकानों को लेकर मचा घमासान, कई जगह तोड़फोड़
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प्रदेश के कई हिस्सों में शराब की दुकानों को रिहायशी इलाके में शिफ्ट करने के विरोध में जोरदार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। अधिकांश प्रदर्शनों की अगुवाई महिलाएं कर रही हैं। कई जगह पर महिलाओं ने आबकारी विभाग के बनाए टीन शेड तक उखाड़ कर फेंक दिए। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच भी विरोध में कूद पड़ा है।
राजधानी दून में भी सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया, जबकि हरिद्वार के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ हुई है। उधर, जगह-जगह होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ठेकेदार भी नई जगह पर दुकान खोलने के लिए विभाग के पास लाइसेंस फीस जमा नहीं करा रहे हैं।
इस वजह से सोमवार को पूरे प्रदेश में लगभग 15 दुकानों का ही पैसा जमा हुआ। अब तक पूरे प्रदेश में 532 में से 190 दुकानों का पैसा जमा हुआ है। इसमें से लगभग 80 दुकानें ही खुल पाई हैं।
अगस्त्यमुनि के सौड़ी, गिवाला, अमोठा और बेडूबगड़ की महिलाओं ने विजयनगर से स्थानांतरित शराब की दुकान के लिए सौड़ी गांव के निकट बनाई गई टीन शेड को तोड़कर मंदाकिनी नदी में फेंक दिया।
महिलाओं ने चेताया कि शराब की दुकान खोलने की कोशिश की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ऊखीमठ में ठेके के विरोध में महिलाओं ने जुलूस निकालकर नगर क्षेत्र में प्रदर्शन किया।
धरने पर बैठी महिलाएं
इसके बाद आंदोलनरत महिलाएं तहसील परिसर में धरने पर बैठ गईं। रविवार रात को भी कई महिलाएं शराब की दुकान के विरोध में धरने पर बैठीं रहीं। रुद्रप्रयाग में महिलाओं के आंदोलन के कारण बीते तीन दिन से जिले में शराब की दुकानें बंद पड़ी हैं।
विभाग द्वारा आक्रोशित लोगों को समझाने के हर संभव प्रयास किए जाने के बावजूद बात नहीं बन पाई है। पौड़ी जनपद में शराब ठेके के विरोध में अब चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच भी उतर गया है।
मंच ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि विकास खंड पाबौ क्षेत्र की महिलाओं व महिला संगठनों द्वारा कई सालों से पाबौ मुख्य बाजार में शराब ठेका शिफ्ट करने को लेकर धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
गोपेश्वर में नगर पालिका क्षेत्र गोपेश्वर में संचालित अंग्रेजी शराब की दुकान को घिंघराण रोड स्थित नए बस अड्डे पर स्थापित करने का महिलाओं ने विरोध किया। उन्होंने शराब की दुकान के लिए चल रहा कार्य रुकवाकर नगर पालिकाध्यक्ष का घेराव किया। महिलाओं ने कहा कि किसी भी सूरत में अंग्रेजी शराब की दुकान नहीं खोलने दी जाएगी।
देहरादून में महिलाओं और सामाजिक संगठनों के विरोध के चलते शिफ्ट होने वाले 28 ठेके शिफ्ट नहीं हो पाए जबकि तीन को स्थानांतरित कर दिया गया। हरिद्वार में 69 देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानों में से 36 दुकानों के शटर उठ ही नहीं पाए।
जिन दुकानों को शिफ्ट करने की कवायद चल ही रही थी वे भी विरोध के बीच खुल नहीं पाई। सोमवार को भी दिनभर जगह जगह शराब की दुकान को शिफ्ट करने को लेकर हंगामा चलता ही रहा। रुड़की में कई जगह प्रदर्शन हुआ।
शराब ठेकों के विरोध में छात्र लामबंद
हाइवे से आबादी क्षेत्र में शराब ठेकों को शिफ्ट करने के विरोध में महिलाओं और आम लोगों के बाद अब छात्र भी लामबंद हो गए है। सोमवार को शहर के ट्रांसपोर्ट नगर फेज वन और पथरीबाग चौक पर शराब ठेका शिफ्ट करने के विरोध में छात्रों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर एडीएम प्रशासन हरवीर सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ठेका शिफ्ट किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सोमवार को गुरु राम राय महाविद्यालय के छात्रसंघ महासचिव विपिन भट्ट और छात्र नेता व महानगर कांग्रेस कमेटी के महासचिव फारूक राव के नेतृत्व में दर्जनों छात्रों व स्थानीय लोगों ने डीएम कार्यालय पहुंच प्रदर्शन किया। उन्होंने एडीएम को ज्ञापन सौंप बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में जहां दुकान खोली जानी है उसके आसपास तमाम घर है। ऐसे में बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा।
इसके अलावा पथरीबाग चौक से कुछ दूरी पर श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, श्री गुरु राम राय मेडिकला कॉलेज, दून मेडिकल कॉलेज, श्री गुरु राम राय स्कूल, श्री लक्ष्मण विद्यालय सहित कई मंदिर है। यहां ठेके खोले जाने से छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ेगा और लोगों की आस्था प्रभावित होगी। उन्होंने यहां शराब ठेके खोले जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में पंकज मेसन, डॉ सखावत खान, अखिलेश क्षेत्री, अब्दुल समद, आकाश गौर, सूर्यकांत सती, आशीष भट्ट, आदित्य बिष्ट, रवि मालिक, जावेद मालिक, पारखी रावत, शालिनी नेगी, शुभम आदि शामिल थे।
अब तक पूरे प्रदेश में 190 दुकानों का पैसा जमा हुआ है। ठेकों को नई जगह पर शिफ्ट कराने का विरोध हो रहा है। विभाग इस समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है।
-युगल किशोर पंत, आबकारी आयुक्त