हरिद्वार: रिकवरी को लेकर सदर हवालात में बंद ऑटो चालक की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
- रिकवरी अदा नहीं करने पर तहसील प्रशासन ने किया था कैद
- परिजन ने तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए काटा हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरिद्वार में रिकवरी के मामले में हरिद्वार तहसील की (सदर हवालात) में कैद पेशे से ऑटो चालक की अभिरक्षा में मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजन ने देर रात जिला अस्पताल में जमकर हंगामा काटा।
वे तहसीलदार आशीष घिल्डियाल को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हुए थे। दिन भर जिला अस्पताल कैंपस में पोस्टमार्टम होने तक तहसील प्रशासन के अधिकारी डटे रहे। देर शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मृतक को कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।
ज्वालापुर क्षेत्र के मोहल्ला पांवधोई में पेशे से ऑटो चालक मुर्तजा (43) पुत्र मुश्ताक ने वर्ष 2004 में अपना ऑटो एक परिचित को बेच दिया था। अधिकृत तौर पर ऑटो रिक्शा परिचित के नाम नहीं हुआ था, केवल स्टांप पर खरीद फरोख्त का इकरारनामा हुआ था।
कुछ समय बाद ऑटो रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त हो गया। क्लेम करने पर बीमा कंपनी ने क्लेम की रकम ऑटो रिक्शा के ड्राइवर को अदा कर दी थी। कुछ समय बाद बीमा कंपनी ने गलत ढंग से क्लेम लेने के आरोप में अधिकृत स्वामी मुर्तजा के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया था।
निचली अदालत से फैसला मुर्तजा के पक्ष में आया था। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ बीमा कंपनी हाईकोर्ट चली गई थी। कुछ समय पूर्व हाईकोर्ट ने अधिकृत स्वामी से ही रिकवरी करने के आदेश देते हुए प्रकरण की फाइल निचली अदालत को भेज दी थी।
पिछले दिनों एडीजी द्वितीय कोर्ट ने 2.57 लाख के रिवकरी वारंट जारी किए थे। उसी के आधार पर रविवार को तहसील प्रशासन ने मुर्तजा को अभिरक्षा में लेते हुए सदर हवालात में कैद कर दिया था।
रविवार की देर रात हवालात में कैद मुर्तजा की हालात बिगड़ गई थी। आनन फानन में तहसील कर्मचारी मनोज उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की जानकारी मिलने पर परिजन एवं परिचितों ने जिला अस्पताल में पहुंचकर हंगामा काटा।
अभिरक्षा में मौत से तहसील प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में एसडीएम कुश्म चौहान, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह मौके पर पहुंच गए। सोमवार की सुबह चिकित्सकों के पैनल से मुर्तजा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।