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प्रमोशन में आड़े आ रहा ढैचा बीज प्रकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 15 Mar 2016 11:13 PM IST
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हरक सिंह रावत
- फोटो : file photo
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ढैचा बीज प्रकरण का निस्तारण कर इसकी वजह से कर्मचारियों के प्रमोशन में हो रही दिक्कतों को दूर किया जाना चाहिए। यह कहना है कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का। कृषि मंत्री किसान भवन में अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में दो से तीन प्रमोशन दिए जाने चाहिए।
कृषि मंत्री ने विभागीय पुनर्गठन में विसंगतियों को दूर करने, सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत न्याय पंचायत स्तर पर खोले गए कृषि निवेश केंद्रों का दस फीसदी किराया बढ़ाए जाने का आश्वासन दिया।
मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग का ढांचा तैयार है, कृषि विभाग में कुछ नए पद सृजित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि ढैचा बीज में शासन के जिस अधिकारी पर आरोप था, जब उसे क्लीन चिट मिल गई तो इसमें कर्मचारियों का क्या दोष हो सकता है।
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प्रकरण के निस्तारण की मांग कर रहे कर्मचारी:
इससे पूर्व कर्मचारियों ने ढैचा बीज प्रकरण के निस्तारण की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल से जांच कार्यवाही पूरी नहीं हो पाई है। जिन 170 कर्मचारियों को पहले आरोप पत्र दिए गए वे निरस्त कर फिर से आरोप पत्र दे दिए गए हैं।
कर्मचारियों ने अधिवेशन में प्रत्येक न्याय पंचायत पर सहायक कृषि अधिकारियों की तैनाती करने, कृषि सेवा वर्ग दो की वरिष्ठता संशोधित करने सहित कई मांगों को उठाया गया।
मामले में विभाग के 170 कर्मचारियों समेत चार अधिकारी जांच के दायरे में:
गौरतलब है कि 2010 में करीब पांच करोड़ की लागत से बीज क्रय कर इसको वितरित किया जाना दर्शया गया था, लेकिन आरोप लगा था कि बीजों की न कोई खरीदारी हुई थी न ही वितरण।
मामले में विभाग के 170 कर्मचारियों समेत चार अधिकारी जांच के दायरे में थे, जिसके कारण इनके प्रमोशन रुके हुए थे। अधिवेशन में प्रदेश अध्यक्ष डीएस असवाल, प्रांतीय महामंत्री वीके धस्माना, मंडल अध्यक्ष सीएस असवाल, मंडल महामंत्री एमपी सैनी, एमएस रावत, बीडी शर्मा, पीपी शैली, जीसी शैली, विनोद पटवाल आदि ने भी विचार रखे।
लंबित मांगों के लिए विभाग को दस अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया गया है, यदि मांगों पर अमल न हुआ तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।
-डीएस असवाल, प्रांतीय अध्यक्ष अधीनस्थ कृषि सेवा संघ
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कृषि मंत्री ने विभागीय पुनर्गठन में विसंगतियों को दूर करने, सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत न्याय पंचायत स्तर पर खोले गए कृषि निवेश केंद्रों का दस फीसदी किराया बढ़ाए जाने का आश्वासन दिया।
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मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग का ढांचा तैयार है, कृषि विभाग में कुछ नए पद सृजित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि ढैचा बीज में शासन के जिस अधिकारी पर आरोप था, जब उसे क्लीन चिट मिल गई तो इसमें कर्मचारियों का क्या दोष हो सकता है।
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प्रकरण के निस्तारण की मांग कर रहे कर्मचारी:
इससे पूर्व कर्मचारियों ने ढैचा बीज प्रकरण के निस्तारण की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल से जांच कार्यवाही पूरी नहीं हो पाई है। जिन 170 कर्मचारियों को पहले आरोप पत्र दिए गए वे निरस्त कर फिर से आरोप पत्र दे दिए गए हैं।
कर्मचारियों ने अधिवेशन में प्रत्येक न्याय पंचायत पर सहायक कृषि अधिकारियों की तैनाती करने, कृषि सेवा वर्ग दो की वरिष्ठता संशोधित करने सहित कई मांगों को उठाया गया।
मामले में विभाग के 170 कर्मचारियों समेत चार अधिकारी जांच के दायरे में:
गौरतलब है कि 2010 में करीब पांच करोड़ की लागत से बीज क्रय कर इसको वितरित किया जाना दर्शया गया था, लेकिन आरोप लगा था कि बीजों की न कोई खरीदारी हुई थी न ही वितरण।
मामले में विभाग के 170 कर्मचारियों समेत चार अधिकारी जांच के दायरे में थे, जिसके कारण इनके प्रमोशन रुके हुए थे। अधिवेशन में प्रदेश अध्यक्ष डीएस असवाल, प्रांतीय महामंत्री वीके धस्माना, मंडल अध्यक्ष सीएस असवाल, मंडल महामंत्री एमपी सैनी, एमएस रावत, बीडी शर्मा, पीपी शैली, जीसी शैली, विनोद पटवाल आदि ने भी विचार रखे।
लंबित मांगों के लिए विभाग को दस अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया गया है, यदि मांगों पर अमल न हुआ तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।
-डीएस असवाल, प्रांतीय अध्यक्ष अधीनस्थ कृषि सेवा संघ