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रिपोर्टः बड़े आश्रम कर रहे गंगा को मैला
अंकित गर्ग/ अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 08 Mar 2015 03:36 PM IST
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गंगा में गंदगी डालने वाले बड़े आश्रमों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) नई दिल्ली की ओर से रिपोर्ट तलब की है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से किए सर्वे के बाद गंगा में गंदगी बहाने वाले आश्रमों पर शिकंजा कसना तय है। बोर्ड की ओर से हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा किनारे स्थित ऐसे 17 बड़े आश्रमों पर कार्रवाई के लिए एनजीटी को रिपोर्ट भेजी गई है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नई दिल्ली की ओर से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा में गंदगी बहाने वाले किनारे स्थित बड़े आश्रमों पर रिपोर्ट तलब की गई थी। जिस पर विगत 11 से 15 फरवरी के बीच प्रदूषण बोर्ड और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से 22 आश्रमों का सर्वे किया गया।
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सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक हरिद्वार और ऋषिकेश में अधिकांश आश्रमों द्वारा गंगा में गंदगी बहाई जा रही है। गंगा किनारे जिन आश्रमों का सर्वे किया गया है, इनमें ऋषिकेश स्थित वानप्रस्थ आश्रम, गीता भवन स्वर्गाश्रम, स्वामी सुखदेवानंद ट्रस्ट, हरपीठ आश्रम, सच्चाधाम आश्रम, वेदांत निकेतन धाम, जयराम आश्रम तथा हरिद्वार स्थित पावन धाम आश्रम, सप्तऋषि आश्रम, शांतिकुंज, संत आसाराम आश्रम सहित कुल 22 आश्रम शामिल है।
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इनमें से 17 आश्रमों द्वारा गंदगी के शोधन के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं और इसे सीवर के जरिए गंगा में बहाया जा रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डा. अंकुर कंसल के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली भेज दी गई है। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर आगे की की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब तीर्थधाम में गंदगी फैलाने वाले इन आश्रमों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
इन्होंने तैयार की है रिपोर्ट
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एमजे सिंह, देहरादून बोर्ड के अधिकारी एसएस राणा, रुड़की बोर्ड के सहायक अभियंता राकेश कंडारी, वैज्ञानिक सहायक एसके डिमरी, अवर अभियंता अनुराग नेगी एवं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मधुसूदन बलूनी एवं अविनाश सैनी।
चुनिंदा आश्रमों में ही हैं शोधन प्लांट
हरिद्वार और ऋषिकेश में स्थापित सैकड़ों आश्रमों में से वैसे तो अधिकतर आश्रमों की गंदगी सीवर के जरिए गंगा में बहाई जा रही है। लेकिन गंगा किनारे स्थित जिन 22 बड़े आश्रमों का सर्वे किया गया है उनमें से महज पांच आश्रमों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डा. अंकुर कंसल ने बताया कि इन आश्रमों संत सेवा आश्रम, कैलाशनंद मिशन, हरिपीठ आश्रम, वानप्रस्थ एवं गीता भवन स्वर्गाश्रम शामिल है।