फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Problems in opening rescue center in Uttarakhand will be resolved Uttarakhand news in hindi

Uttarakhand News: प्रदेश में रेस्क्यू सेंटर खोलने में फंसे पेच होंगे दूर, वन विभाग ने सीजेडए से मांगा समय

Mon, 11 Sep 2023 09:07 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 11 Sep 2023 09:07 AM IST
सार

वन्यजीव हिंसक होकर आबादी क्षेत्र में लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। वन विभाग ऐसे हिंसक वन्यजीवों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर में रखता है, लेकिन ज्यादातर रेस्क्यू सेंटर हाउसफुल चल रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में नए रेस्क्यू सेंटर खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है।

विज्ञापन
Problems in opening rescue center in Uttarakhand will be resolved Uttarakhand news in hindi
मीटिंग ( प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन विभाग के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक कार्यालय की ओर से रेस्क्यू सेंटर और अन्य मसलों को समयबद्ध तरीके से सुलझाने के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) से अलग से समय मांगा गया है। ताकि प्रदेश में बढ़ रहे मानव वन्यजीव संघर्ष के मामलों में कमी लाई जा सके।

विज्ञापन

प्रदेश में वन्यजीव के हमलों में लगातार इजाफा हो रहा है। वन्यजीव हिंसक होकर आबादी क्षेत्र में लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। वन विभाग ऐसे हिंसक वन्यजीवों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर में रखता है, लेकिन ज्यादातर रेस्क्यू सेंटर हाउसफुल चल रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में नए रेस्क्यू सेंटर खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसमें कुछ नए रेस्क्यू सेंटर बनाने और पुरानों को विस्तार की योजना है।

विज्ञापन

लैंसडौन वन प्रभाग के कण्वाश्रम स्थित मृग विहार को मिनी चिड़ियाघर और रेस्क्यू सेंटर के रूप में विकसित किया जाना है। करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मृग विहार के रेस्क्यू सेंटर में तबदील होने से वन विभाग की मुश्किलें काफी हद तक कम हो जाएंगी। लेकिन यह मामला औपचारिकताएं पूरी नहीं होने से वर्ष 2018 से लटका है। जबकि इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ढेला रेंज में बनाया गया रेस्क्यू सेंटर
प्रदेश में वन विभाग के पास फिलहाल पांच रेस्क्यू सेंटर हैं। इनमें मालसी में स्थित देहरादून जू रेस्क्यू सेंटर में नाममात्र के वन्यजीवों को रखने की जगह है। इसके अलावा रानीबाग अल्मोड़ा में स्थित चिड़ियाघर और रेस्क्यू सेंटर में शेड्यूल वन के करीब 15 वन्यजीवों को रखने की व्यवस्था है।

इसके अलावा हरिद्वार के चिड़ियापुर में स्थित रेस्क्यू सेंटर, नैनीताल चिड़ियाघर में स्थित रेस्क्यू सेंटर हैं, लेकिन सभी हाउसफुल की स्थिति में हैं। एक रेस्क्यू सेंटर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के तहत ढेला रेंज में बनाया गया है। इनमें से चिड़ियापुर और ढेला में स्थित रेस्क्यू सेंटर में कुछ औपचारिकताओं को पूरा किया जाना है। मामला सीजेडए के स्तर पर विचाराधीन है।

ये भी पढ़ें...Earthquake:  उत्तरकाशी में देर रात को डोली धरती, भूकंप के तेज झटके से कांपे लोग, घर छोड़कर बाहर भागे

कण्वाश्रम स्थित मृग विहार को मिनी चिड़ियाघर सहित अन्य रेस्क्यू सेंटर के संबंध में औपचारिकताएं पूरी किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। कुछ अन्य मसले भी हैं, इसके लिए सीजेडए से अलग से समय मांगा गया है। उम्मीद है सीजेडए की ओर से बैठक बुलाकर उत्तराखंड से जुड़े मसलों को शीघ्र निपटाया जाएगा। - डॉ. समीर सिन्हा, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed