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आपदा ग्रसितों को परेशान कर रहे देश के महारजिस्ट्रार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 24 Sep 2013 12:37 PM IST
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जून में आई दैवी आपदा में दूसरे राज्यों के स्थायी रूप से लापता लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने में अभी और वक्त लग सकता है।
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बताया गया कि भारत के महारजिस्ट्रार (रजिस्ट्रार जनरल आफ इंडिया) के दिशा-निर्देश इसमें अड़ंगा बन रहे हैं। हालांकि उत्तराखंड के स्थायी लापता का प्रमाण पत्र जारी करने की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया काफी लंबी है।
मृत मानने की कानूनी व्यवस्था
भारतीय दंड संहिता के तहत किसी भी व्यक्ति के सात साल तक लापता रहने की पुष्टि के बाद ही उसे मृत मानने की कानूनी व्यवस्था है। इसके चलते दूसरे राज्यों की सरकारें और प्रशासन दिक्कत महसूस कर रहे हैं। कई राज्यों से अभी भी स्थायी लापता के बारे में ब्योरा नहीं दिया जा सका है।
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जबकि केंद्र द्वारा इस संबंध में बनाई गई व्यवस्था का विवरण सभी राज्यों को भेजा जा चुका है। वहीं उत्तराखंड के स्थायी लापता का प्रमाण पत्र जारी करने की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। मुख्य सचिव ने जिला वार कैंप लगा कर स्थायी लापता लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र उनके परिजनों को बांटने का निर्देश दिया है।
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सोमवार को मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। तय हुआ कि दूसरे राज्यों के अभिहित अधिकारियों और स्थानिक आयुक्तों की एक बैठक अगले महीने दिल्ली में बुलाई जाए। बैठक में आरजीआई के दिशा निर्देश के अनुसार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की औपचारिक्ताएं पूरी कराई जाए। ताकि लापता लोगों के परिजनों को उत्तराधिकार, बीमा, संपत्ति आदि हस्तांतरण में सुविधा मिल सके।
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