फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   problem due to unexpected rain.

उत्तराखंडः बारिश से नदियां हुई विकराल, अलर्ट

Sun, 05 Apr 2015 05:16 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गढ़वाल/देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, गढ़वाल/देहरादून Updated Sun, 05 Apr 2015 05:16 PM IST
विज्ञापन
problem due to unexpected rain.

पूरे मार्च महीने के बाद अब अप्रैल में भी हो रही बेमौसमी बारिश ने उत्तराखंड में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने और रुक-रुककर हो रही बारिश से अलकनंदा एवं सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ गया है।

विज्ञापन


उधर, इस बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। राज्य सरकार पहले ही कह चुकी है कि मार्च में हुई बारिश से फसलों को 50 से लेकर सौ फीसदी तक नुकसान हुआ है। बची-कुची फसलों पर अब अप्रैल की बारिश भारी पड़ रही है। शुक्रवार की रात और शनिवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन


कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो अब तो बारिश के चलते गेहूं की फसल का बचना मुश्किल दिख रहा है। किसानों ने कर्ज लेकर बीज-खाद खरीदी थी। फसल चौपट होने से कर्ज लौटाना भी मुश्किल हो गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि दो दिन के बारिश से कोटद्वार के भाबर क्षेत्र में गेहूं की फसल को दस फीसदी और नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तरकाशी के कई इलाकों में मटर की फसल तबाह हो गई है। बारिश और ठंड से फलदार पौधों की फ्लावरिंग प्रभावित होने से बागवानी पर टिकी किसानों की उम्मीदें धराशायी हो रही हैं। आडू, अखरोट, सेब, सरसों, बंद गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च के लिए यह बारिश काफी नुकसानदायक है। जौ, मसूर के अलावा आम, लीची और जामुन को भी नुकसान होने की आशंका है।

अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट

problem due to unexpected rain.

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर पिघलने और रुक-रुककर हो रही बारिश से अलकनंदा एवं सहायक नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। पुलिस प्रशासन ने एहतियातन अलर्ट जारी कर लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी है। नीती घाटी और नंदाकिनी नदी के उद्गम स्थल पर भी हिमखंड पिघलकर नदी में आ रहे हैं।

हरिद्वार के मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी का कहना है कि शुक्रवार की रात हुई बारिश से पांच प्रतिशत और नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है। अभी तक गेहूं की फसल को 40 प्रतिशत तक का नुकसान हो चुका है। सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है।

कई क्षेत्रों में गिरने से गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है तो आलू, मटर में नमी की अधिकता के कारण झुलसा रोग फैलने का खतरा पैदा हो गया है। अदरक की बुआई भी लटकती जा रही है। शनिवार रात दो बजे से रविवार शाम तक कुमाऊं के कई इलाकों में लगातार हो रही बेमौसमी बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।

बदरीनाथ, केदारधाम में बर्फबारी

problem due to unexpected rain.

शनिवार को भी तड़के से सुबह नौ बजे तक बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, औली, गौरसौं बुग्याल और नंदा घुंघटी की चोटियों पर बर्फबारी और चमोली जिले के निचले क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई। मौसम दिनभर ठंडा बना रहा।

रुद्रप्रयाग जिले में मौसम का मिजाज लगातार चौथे दिन बिगड़ा रहा। केदारनाथ में भी रुक-रुककर बर्फ की फुहारें गिरती रही। टिहरी में भी सुबह देर तक रिमझिम बारिश हुई। देहरादून में सुबह के बाद शाम को बारिश का दौर चला। हरिद्वार-रुड़की में भी बारिश हुई।

दो मैक्स पानी में बही
शनिवार तड़के ऋषिकेश के यमकेश्वर क्षेत्र में भारी बारिश से ताल नदी में अचानक उफान पर आ गया। जिससे नदी किनारे खड़ी दो मैक्स गाड़ियां पानी के साथ बह गईं।

हालांकि ग्रामीणों ने बमुश्किल वाहनों को बाहर निकाला। मौके पर पहुंचे उदयपुर पल्ला तीन के राजस्व निरीक्षक बृजभूषण बमराड़ा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिपूर्ति का आकलन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed