निजी संस्था के निदेशक ने असिस्टेंट प्रोफेसर से की छेड़छाड़, पुलिस पर केस दर्ज नहीं करने आरोप
- युवती के कोर्ट पहुंचने पर अदालत ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
- निजी संस्था के निदेशक पर लगाया आरोप, विरोध करने पर नौकरी से निकाला
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उत्तराखंड के काशीपुर के एक निजी शिक्षण संस्थान में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर ने निदेशक पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। पुलिस ने उसकी शिकायत पर गौर नहीं किया तो उसने कोर्ट की शरण ली है। कोर्ट ने इस मामले में कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।
मूलत: हल्द्वानी और हाल निवासी काशीपुर की युवती रविवार को अपने वकील के साथ कोतवाली पहुंची। उसने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा कि वह जसपुर रोड स्थित एक संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर है।
उसकी नियुक्ति 17 अप्रैल 2018 में 21 हजार रुपये मासिक वेतन पर हुई थी। आरोप है कि संस्था का डायरेक्टर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है। आरोप लगाया कि 13 जून 2019 को निदेशक ने उसके साथ छेड़खानी की।
विरोध करने पर निदेशक ने जबरन त्यागपत्र लिखवाकर उसे नौकरी से निकाल दिया। निदेशक ने उसे एक माह का वेतन भी नहीं दिया। उसने बताया कि घटना के संबंध में पूर्व में कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
अब भी पुलिस उसकी शिकायत पर जांच की बात कह रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया कि पुलिस के स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। कोर्ट ने इस संबंध में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।