{"_id":"604276748ebc3e76a43ddce4","slug":"private-hospitals-are-sabotaging-the-atal-scheme-vikas-nagar-news-drn372776854","type":"story","status":"publish","title_hn":"अटल आयुष्मान योजना को पलीता लगा रहे प्राइवेट अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटल आयुष्मान योजना को पलीता लगा रहे प्राइवेट अस्पताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्राइवेट अस्पतालों पर अटल आयुष्मान योजना पर पलीता लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन अस्पतालों को भुगतान करती है, बावजूद इसके अस्पताल कई बार इलाज करने से मना कर देते हैं।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की अटल आयुष्मान योजना कल्याणकारी योजना है, लेकिन कुछ सूचीबद्ध अस्पताल मरीजों को इलाज करने से मना कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन आदि के नाम पर निर्धारित धनराशि के बावजूद अलग से मोटी रकम वसूली जाती है। इस कारण जनता को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। नेगी ने कहा कि प्रदेशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों को 13 जनवरी 2021 तक लगभग 187.92 करोड़ रुपये आवंटित किया जा चुका है। आज तक लगभग 250 करोड़ रुपये अस्पतालों को आवंटित हो चुका है। बावजूद इसके कई अस्पताल इलाज के नाम पर मनमानी करते हैं, जो मरीजों पर भारी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अस्पतालों की मॉनिटरिंग होनी चाहिए। अलग से धनराशि की मांग करने वाले और इलाज करने से मना करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नेगी ने कहा कि इस मांग को लेकर मोर्चा सरकार से बात करेगा। पत्रकारवार्ता में महासचिव आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, भीम सिंह बिष्ट और सुशील भारद्वाज मौजूद रहे।
विज्ञापन
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की अटल आयुष्मान योजना कल्याणकारी योजना है, लेकिन कुछ सूचीबद्ध अस्पताल मरीजों को इलाज करने से मना कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन आदि के नाम पर निर्धारित धनराशि के बावजूद अलग से मोटी रकम वसूली जाती है। इस कारण जनता को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। नेगी ने कहा कि प्रदेशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों को 13 जनवरी 2021 तक लगभग 187.92 करोड़ रुपये आवंटित किया जा चुका है। आज तक लगभग 250 करोड़ रुपये अस्पतालों को आवंटित हो चुका है। बावजूद इसके कई अस्पताल इलाज के नाम पर मनमानी करते हैं, जो मरीजों पर भारी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अस्पतालों की मॉनिटरिंग होनी चाहिए। अलग से धनराशि की मांग करने वाले और इलाज करने से मना करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नेगी ने कहा कि इस मांग को लेकर मोर्चा सरकार से बात करेगा। पत्रकारवार्ता में महासचिव आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, भीम सिंह बिष्ट और सुशील भारद्वाज मौजूद रहे।
विज्ञापन