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राजकुमार ने केक काटा पर चखा नहीं!
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 08 Nov 2013 09:14 AM IST
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वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में प्रिंस चार्ल्स पूरे शाही अंदाज में नजर आए। अपने स्वागत में रखा 50 पौंड का केक उन्होंने काटा जरूर, लेकिन उसे चखना जरूरी नहीं समझा। चाय का प्याला भी हाथ में थामा, लेकिन कुछ क्षण बाद आगे बढ़ा दिया। प्रिंस के इस अंदाज से मेजबान भौचक नजर आए, लेकिन राज्य अतिथि की ‘शान’ का तकाजा रखते हुए चुप्पी साध गए।
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केक काटा पर खाया नहीं
प्रिंस के स्वागत में एफआरआई में संस्थान की आकृति का केक 50 हजार की लागत से बनवाया गया था। प्रिंस चार्ल्स परिसर में प्रवेश करने के बाद ‘मैनगो ग्रो’ के पास पहुंचे, जहां टेबल पर केक रखा था। संस्थान के निदेशक डा. पीपी भोजवैद्य ने केक काटने के लिए प्रिंस को चाकू दिया।
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केक देख प्रिंस के चेहरे पर मुस्कान तो आई, लेकिन इसे काटने के बाद उन्होंने चखा नहीं। इसके बाद प्रिंस उत्तराखंड के मंत्रियों-विधायकों और अन्य गणमान्य लोगों से मिले।
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इस दौरान निदेशक भोजवैद्य ने प्रिंस की ओर चाय का प्याला बढ़ाया, लेकिन वह प्रिंस का हाथ लगने से गिर गया। कुछ देर बाद भोजवैद्य ने प्रिंस को दूसरा कप दिया। प्रिंस ने कप थामा भी, लेकिन बिना चाय पीये पास खड़े एक व्यक्ति को पकड़ा दिया। आखिर में प्रिंस ने एक पौधा लगाया, वह भी शाही अंदाज में।
विजिटर बुक में हस्ताक्षर किए
पहले से खुदे गड्ढे के पास पौधा रखा था। किसी ने पौधा गड्ढे में डाल दिया। प्रिंस ने एक बेलचा मिट्टी इस तरह डाली कि हाथों-कपड़ों पर न लग जाए। इसके बाद चमचमाते बर्तन से पानी डाल दिया। विजिटर बुक पर अपना हस्ताक्षर किया और फिर अगली मंजिल की ओर निकल गए।
यह है ‘मैनगो ग्रो’
मैनगो ग्रो वन अनुसंधान संस्थान का वह परिसर है, जहां वीवीआईपी पौधा रोपते हैं। देश के कई पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां यहां पौधे लगा चुकी हैं।