पुजारी की आग से झुलसकर मौत, मंदिर के बगल कमरे में मिली लाश
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रुड़की हाइवे पर बने शिव मंदिर के पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसने से मौत हो गई। पुजारी का कमरा मंदिर की बगल में बना हुआ है। बुधवार की दोपहर कमरे से धुआं निकलता देख रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी।
दरवाजा तुड़वाया तो पुजारी का शव बरामद हुआ। माना जा रहा है कि कमरे में रात के समय आग लगी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
हाईवे पर बढेड़ी राजपूतान के पास शिव मंदिर है। मंदिर के पुजारी सुमुक्तानन्द मंदिर के पास बने कमरे में रहते थे। बुधवार की दोपहर मंदिर की बगल में स्थित चमोली रेस्टोरेंट के मालिक अरविंद चमोली ने कमरे से धुआं निकलता देखने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तुड़वाया।
पुलिस कर रही हर एंगल से जांच
कमरे के अंदर आग से सामान झुलसा हुआ और 55 वर्षीय पुजारी का शव मिला। पुजारी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस प्रथम दृष्टया मान रही है कि रात के समय शार्टसर्किट से कमरे में आग लगी होगी। आग ज्यादा फैलने पर पुजारी कमरे का दरवाजा नहीं खोल पाए और धुएं में दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
पुजारी सुमुक्तानंद कहां के रहने वाले थे, इस बारे में फिलहाल कुछ पता नहीं चल पाया है। अलबत्ता पुलिस को पता चला है कि पुजारी सुमुक्तानंद वर्ष 2003 से शिव मंदिर बनाकर यहीं रहते आ रहे थे।
वहीं बहादराबाद थाना प्रभारी मनिभूषण श्रीवास्तव का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। पुजारी के परिजनों का पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है।