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महंगाई की आग में राख हुआ सुकून
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2013 09:54 AM IST
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महंगाई की आग ने आम आदमी का चैन-सुकून जलाकर राख कर दिया है। डीजल, पेट्रोल, गैस समेत कई आवश्यक वस्तुओं के रेट बढ़ने से उनका बजट बिगड़ गया है। 25 हजार से ज्यादा कमाने वाले भी परेशान हैं। इनकी चिंता यह है कि अगर महंगाई इसी दर पर बनी रही तो भविष्य में उन पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जबकि आय इतनी ही रहनी है।
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देखें आशा के घर का हाल-
आशा राणा इलाहाबाद बैंक में क्लर्क हैं। पटेलनगर में तीन कमरों के फ्लैट में किराए पर रहती हैं। पति प्राइवेट नौकरी में हैं। उनकी आय कुछ ज्यादा नहीं। दो बेटे हैं, जिनमें से एक गुड़गांव में बीटेक कर रहा है। उसकी पढ़ाई के लिए बैंक से दो लाख रुपये का लोन भी लिया है। आशा को मासिक आय के रूप में हर माह कटकर तकरीबन 28 हजार रुपये मिलते हैं। किचन पर दिन-रात बढ़ रहे बोझ और गैस, पेट्रोल, डीजल के रेट ने उनके भी घर का बजट बिगाड़ दिया है।
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इस महंगाई में हाथ में कुछ बचता कहां है:
मद - (रुपये में)
किराया-----------------9000
लोन की किस्त----------3500
दूध का बिल-------------1500
किचन का खर्च---------8000
परिवहन का खर्च--------2500
मोबाइल/नेट/टीवी--------1500
शापिंग, हेल्थ, पिकनिक---2000
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