पतंजलि में शुरू हुआ दो दिवसीय ज्ञानकुंभ, 5000 लोग हो रहे शामिल
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पतंजलि योगपीठ में आज देश का पहला दो दिवसीय ज्ञानकुंभ शुरू हो गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ज्ञानकुंभ का उद्घाटन किया। इस आयोजन में करीब दो हजार से ज्यादा शिक्षाविद् समेत करीब पांच हजार लोग भाग ले रहे हैं।
राज्य सरकार और पतंजलि योगपीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले ज्ञानकुंभ के उद्घाटन कार्यक्रम में कई अतिविशिष्ट और विशिष्ट अतिथि मौजूद हैं। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि देश में अपनी तरह का यह पहला आयोजन है और यह ऐतिहासिक होगा।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धनसिंह रावत ने पत्रकारों को बताया कि करीब दस राज्यों के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव के साथ ही पांच सौ से ज्यादा महाविद्यालयों के प्राचार्य, करीब तीन सौ शोधार्थी और सैकड़ों की संख्या में टॉपर छात्र-छात्राएं ज्ञानकुंभ में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दो दिन तक चलने वाले ज्ञानकुंभ में कुल सात सत्र रखे गए हैं, जिनमें उद्घाटन, समापन सत्र के अलावा पांच तकनीकी सत्र होंगे। इन सभी सत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता, देश में उच्च शिक्षा के भावी स्वरूप और अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। एक सत्र में योग गुरु स्वामी रामदेव देश की वैदिक संस्कृति के बारे में विचार रखेंगे। एक सत्र सांस्कृतिक कार्यक्रम का रहेगा। सभी शिक्षाविदों को गंगा आरती में शामिल करवाने का कार्यक्रम भी है।
डा. रावत ने बताया कि एक साथ इतने शिक्षाविद् शिक्षा के बारे में मंथन करेंगे, तब इस ज्ञान कुंभ से निकलने वाले अमृत से देश की उच्च शिक्षा का कायाकल्प होना स्वाभाविक है। राष्ट्रीय स्तर के सुझावों को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा जबकि राज्य स्तर पर जिन सुझाव का सदुपयोग प्रदेश स्तर की शिक्षा प्रणाली को सुधारने में किया जा सकेगा, उन्हें यहां अमल में लाया जाएगा। योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह ज्ञानकुंभ अपने आप में अनूठा आयोजन है।
देश की शिक्षा प्रणाली पर इस समय मैकाले की शिक्षा पद्धति की छाप है, जिसमें शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बाजारीकरण की तरह कर दिया गया है। शिक्षा में मूल्यों की स्थापना होना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ज्ञानकुंभ देश की वैदिक शिक्षा की स्थापना में महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा।
कितने लोग होंगे शामिल
उत्तराखंड सरकार के मंत्री : 13
अन्य राज्यों के उच्चशिक्षा सचिव : 7
विभिन्न विवि के कुलपति : 131
उत्तराखंड सरकार के अधिकारी : 85
उत्तराखंड के कॉलेजों के प्राचार्य व शिक्षक : 150
उत्तराखंड के विवि के शिक्षक व छात्र : 94
उत्तराखंड के कॉलेजों के छात्र : 417
निजी कॉलेजों के छात्र व शिक्षक : 3485
अन्य आमंत्रित शिक्षाविद् एवं अतिथि : 200
निजी कॉलेजों के निदेशक : 109
आयोजन समिति के सदस्य : 200
एम्स में दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति होंगे मुख्यातिथि
दीक्षांत समारोह की अवधि एक घंटे की होगी। इस दौरान निदेशक संस्थान की प्रगति रिपोर्ट और भावी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। कुछ घंटों के लिए एम्स निदेशक का कार्यालय राष्ट्रपति के लिए समर्पित कर दिया गया है। राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने वाले छात्र छात्राओं की शुक्रवार को रिहर्सल कराई गई। प्रो. रविकांत ने बताया कि दीक्षांत समारोह में एम्स दिल्ली के पैटर्न को फालो किया जाएगा। निदेशक कार्यालय में राष्ट्रपति के लिए हॉटलाइन की व्यवस्था भी की गई है। इस मौके पर डीन सीएसआर व एडिशनल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेंद्र सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के शामिल होने से संस्थान एक श्रेणी और परिपक्व होगा।