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भारत मां के इस सपूत ने पाकिस्तानी आतंकियो को चटाई थी धूल, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

Thu, 24 Aug 2017 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Thu, 24 Aug 2017 10:31 PM IST
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president ram nath kovind will honour to bhagwan Singh Rautela

तहसील के बेलपट्टी क्षेत्र के वीर नायक भगवान सिंह रौतेला को अदम्य साहस के लिए राष्ट्रपति 26 जनवरी 2018 को सेना मेडल से सम्मानित करेंगे। भगवान ने अक्तूबर 2016 में श्रीनगर (कश्मीर) के पामपुर में घुसे दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा था।  

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10 अक्तूबर 2016 को सीमापार से दो आतंकी जम्मू-कश्मीर इंजीनियरिंग डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के भवन में घुस गए। सेना ने भवन को चारों ओर से घेर लिया। तीन दिनों तक आतंकियों और सेना के बीच गोलाबारी होती रही। 12 अक्तूबर की शाम करीब 5 बजे दोनों आतंकी भवन से भागने की कोशिश करने लगे।
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घात लगाए बैठी सैन्य टुकड़ी अलर्ट हो गई। जैसे ही दोनों आतंकियों ने भवन के दूसरे माले से छलांग लगाई, 17 कुमाऊं रेजीमेंट के जांबाज भगवान सिंह रौतेला ने दोनों आतंकियों को गोलियों से छलनी कर डाला। उस समय भगवान 50 आरआर (राष्ट्रीय राइफल) में तैनात थे।
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भगवान की वीरता को भारत सरकार ने भी सलाम किया है। सरकार ने 14 अगस्त 2017 को भगवान को सेना मेडल से सम्मानित करने की घोषणा की। स्वयं नायक भगवान सिंह रौतेला ने फोन पर हुई बातचीत में इसकी पुष्टि की है। 

जांबाजों की धरती है बेलपट्टी 

president ram nath kovind will honour to bhagwan Singh Rautela

25 मई 1978 को केदार सिंह रौतेला और नंदी देवी के घर जन्मे भगवान ने प्राथमिक शिक्षा रौतेड़ा से, इंटर की शिक्षा राइंका चहज से प्राप्त की। 24 अक्तूबर 1988 को भगवान सेना में भर्ती हो गए। भगवान इस समय देहरादून में तैनात हैं।

भगवान के माता-पिता गांव में रहते हैं। पत्नी मंजू रौतेला पिथौरागढ़ के पियाना में रहती हैं। नायक भगवान की पुत्री ममता एशियन एकेडमी में कक्षा 11 में पढ़ती हैं। पुत्र गौरव न्यू बियरशीबा में कक्षा 8 में पढ़ता है। 

35 ग्राम पंचायतों वाले बेलपट्टी के हर घर की सेना में भागीदारी है। कई घर ऐसे भी हैं, जिनके कई सदस्य सेना में कार्यरत हैं। यहां के कई जांबाजों ने सीमा पर दुश्मनों से लड़ते हुए जान कुर्बान की है। इसी आठ अगस्त को पाकिस्तानी सेना से लोहा लेते हुए बेलपट्टी के सुगड़ी गांव के वीर पवन सुगड़ा ने देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिए थे।

सुदूर रौतेड़ा गांव के जांबाज भगवान सिंह रौतेला ने 12 अक्तूबर 2016 को श्रीनगर के पामपुर में यह वीरता दिखाई थी। नायक भगवान के भाई राजेंद्र सिंह 31 असम राइफल्स में सेवारत हैं। भगवान को सेना मेडल मिलने की सूचना से क्षेत्र में खुशी व्याप्त है।

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